



जयपुर। राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई अब एसीबी कोर्ट-एक के बजाय एसीबी कोर्ट-दो में होगी। हाईकोर्ट प्रशासन ने जेजेएम घोटाले से संबंधित सभी मामलों को एसीबी कोर्ट-एक से स्थानांतरित कर एसीबी कोर्ट-दो को सौंप दिया है। सूत्रों के अनुसार, एसीबी कोर्ट-एक के न्यायाधीश द्वारा इस संबंध में हाईकोर्ट प्रशासन को पत्र लिखे जाने के बाद यह प्रशासनिक निर्णय लिया गया। अब इन मामलों की अगली सुनवाई एसीबी कोर्ट-दो के न्यायाधीश राजेश कुमार दडिया की अदालत में 8 जून और 12 जून को निर्धारित की गई है।
जल जीवन मिशन घोटाले से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर रखी हैं, जिनकी जांच अभी भी जारी है। एसीबी के अनुसंधान में करीब 20 हजार करोड़ रुपये मूल्य के टेंडरों में पद के दुरुपयोग, अनियमितताओं और व्यापक भ्रष्टाचार के प्राथमिक तथ्य सामने आने की बात कही गई है। जांच एजेंसी का दावा है कि कई स्तरों पर नियमों की अनदेखी कर लाभ पहुंचाने और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के संकेत मिले हैं, जिनकी विस्तृत जांच जारी है।
इसी मामले में तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर भी 8 जून को सुनवाई होगी। उल्लेखनीय है कि एसीबी कोर्ट-एक ने 29 मई को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई की थी, लेकिन फैसला सुनाए जाने से पहले ही मामले के स्थानांतरण को लेकर पत्राचार की प्रक्रिया शुरू हो गई थी।
वर्तमान में मामले के कई प्रमुख आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। इनमें तत्कालीन मंत्री महेश जोशी, पूर्व एसीएस सुबोध अग्रवाल, संजय बडाया, दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, डी.के. गौड, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और निरिल कुमार शामिल हैं। हाल ही में हाईकोर्ट ने आरोपी शुभांशु दीक्षित, निरिल कुमार, सुशील कुमार और दिनेश गोयल की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हालांकि आरोपी अरुण श्रीवास्तव को स्वास्थ्य संबंधी कारणों के आधार पर हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
जेजेएम घोटाले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। आगामी सुनवाई में जमानत याचिकाओं और जांच की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आने की संभावना है।