



नागौर। खींवसर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा पर कथित जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि डीडवाना-कुचामन जिले के नावां क्षेत्र में गोविंद टोल नाके के पास उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को एक तेज रफ्तार कैंपर वाहन ने निशाना बनाते हुए जोरदार टक्कर मार दी। विधायक पक्ष का दावा है कि यह कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 4 जून 2026 की रात विधायक रेवंतराम डांगा अपने काफिले के साथ नावां क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान गोविंद टोल नाके के समीप एक कैंपर वाहन ने उनकी फॉर्च्यूनर को टक्कर मार दी। विधायक पक्ष का आरोप है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और घटना को अंजाम देने के लिए एक अन्य सफेद स्कॉर्पियो वाहन भी उनके साथ चल रहा था, जो कथित रूप से कैंपर वाहन को रास्ता उपलब्ध कराने और सुरक्षा देने का कार्य कर रहा था।
चश्मदीदों और विधायक के समर्थकों के अनुसार, हमलावरों ने पहले विधायक की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। जब वे इसमें सफल नहीं हुए तो उन्होंने साइड से टक्कर मारकर वाहन को असंतुलित करने की कोशिश की। आरोप है कि यदि गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। टक्कर के कारण विधायक की फॉर्च्यूनर क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि विधायक रेवंतराम डांगा और उनके चालक सुरक्षित रहे।
विधायक पक्ष का कहना है कि घटना के दौरान संदिग्ध वाहनों की गतिविधियां सामान्य नहीं थीं। एक स्कॉर्पियो वाहन लगातार कैंपर के साथ चल रहा था और कथित रूप से अन्य वाहनों की आवाजाही को प्रभावित कर हमलावरों को सुरक्षित निकलने का रास्ता उपलब्ध करा रहा था। इससे पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित हमला मानने की आशंका और गहरी हो गई है।
घटना के बाद हमलावर वाहन मौके से डीडवाना की ओर भाग निकले। इसके बाद विधायक रेवंतराम डांगा ने अपने सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों के साथ उनका पीछा किया। बताया जा रहा है कि करीब 25 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद विधायक के काफिले ने एक संदिग्ध बैकअप वाहन को घेरकर रोक लिया। हालांकि मुख्य कैंपर वाहन में सवार लोग अंधेरे और वैकल्पिक मार्गों का लाभ उठाकर फरार होने में सफल रहे।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस विभिन्न पहलुओं से पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मामला सड़क दुर्घटना का है या फिर विधायक पर सुनियोजित हमले का। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विधायक रेवंतराम डांगा ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं समर्थकों ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की है।