Friday, 05 June 2026

स्वच्छ पर्यावरण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, जनभागीदारी से बनेगा: कन्हैया लाल चौधरी


स्वच्छ पर्यावरण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, जनभागीदारी से बनेगा: कन्हैया लाल चौधरी

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टोंक। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमें जल, मिट्टी, शुद्ध वायु और भोजन जैसे अमूल्य संसाधन प्रदान करती है, इसलिए प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी हम सभी की है। स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि आमजन की सक्रिय भागीदारी से ही संभव हो सकता है।

कन्हैया लाल चौधरी शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपखंड मालपुरा के घाटी रोड स्थित नगर वन में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान ‘वंदे गंगा-जल संरक्षण जन अभियान’ का समापन भी हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं आमजन उपस्थित रहे।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने लोगों से जैविक खेती को अपनाने तथा जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने मालपुरा क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों का भी उल्लेख किया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने बम्ब तालाब के जीर्णोद्धार, नगर वन को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, मालपुरा में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने तथा जिला अस्पताल और पशु चिकित्सालय के विकास कार्यों को गति देने की बात कही। साथ ही उन्होंने टोडारायसिंह-मालपुरा क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत में इस वर्ष पांच-पांच हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर विनोद कुमार मीना ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक मानव जीवन और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक के उपयोग से बचने और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की। वहीं केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरता बढ़ती है, उत्पादन लागत कम होती है और किसानों की आय में वृद्धि होती है।

कार्यक्रम के दौरान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने नगर वन में पौधारोपण कर अधिकाधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने पेड़ों पर परिंडे भी बांधे ताकि भीषण गर्मी में पक्षियों को पीने के लिए पानी उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को कपड़े के थैले वितरित कर सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का संदेश दिया तथा पर्यावरण संरक्षण में व्यक्तिगत योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उप वन संरक्षक वीरेन्द्र कृष्णिया, उपखंड अधिकारी कपिल शर्मा, सहायक वन संरक्षक अनुराग महर्षि सहित जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।

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