



अजमेर। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने शुक्रवार को अजमेर दौरे के दौरान जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही पर नाराजगी जताई। जिला कलक्टर सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न समस्याओं को उठाए जाने पर उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी एक दिवसीय दौरे पर 5 जून को अजमेर पहुंचीं। इससे पहले उन्होंने पुष्कर में आयोजित ‘वंदे गंगा-जल संरक्षण जन अभियान’ में भाग लिया। इसके बाद जिला कलक्टर सभागार में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ जिले की विकास योजनाओं, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति तथा विभिन्न विभागों के लंबित कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल सहित भाजपा के जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने पानी, बिजली, सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण तथा स्थानीय स्तर पर लंबित विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि कई विभागों में आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि धरातल पर परिणाम भी दिखाई देने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही आगामी मानसून को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियों, संभावित चुनौतियों और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को मानसून पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए।
गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल एवं बिजली व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि आमजन को निर्बाध जल और विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी क्षेत्र में समस्या उत्पन्न होने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
दीया कुमारी ने कहा कि जिले में लंबित परियोजनाओं और विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई है। जिन मामलों में राज्य स्तर पर स्वीकृति अथवा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब उसकी जड़ तक पहुंचकर कारणों की पहचान की जाए। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य किस स्तर पर अटका हुआ है और उसे शीघ्र पूरा करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।