



बूंदी जिले के नागरिकों को पासपोर्ट संबंधी सेवाओं के लिए अब जयपुर या कोटा के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विदेश मंत्रालय द्वारा बूंदी के बहादुर सिंह सर्किल स्थित प्रधान डाकघर में स्थापित पासपोर्ट सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। इस केंद्र का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा कि अब तक जिले के लोगों को पासपोर्ट बनवाने या उससे संबंधित कार्यों के लिए जयपुर जाना पड़ता था। वहां लंबी कतारों में लगने और कई बार एक-दो दिन तक रुकने की परेशानी का सामना करना पड़ता था। बूंदी में पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू होने से नागरिकों के समय, श्रम और धन की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि पासपोर्ट केवल विदेश यात्रा का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह किसी व्यक्ति की पहचान और विश्वसनीयता का भी महत्वपूर्ण प्रमाण है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में कोटा में राजस्थान के दूसरे क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की शुरुआत की गई थी, जिसके बाद क्षेत्रीय स्तर पर पासपोर्ट सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
आसपास के जिलों को भी मिलेगा लाभ
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बूंदी में पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू होने से न केवल जिले के लोगों को बल्कि आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को भी सुविधा मिलेगी। इससे पासपोर्ट सेवाएं आमजन के और अधिक निकट पहुंचेंगी।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक अशोक डोगरा, भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, जिला कलक्टर हरफूल यादव, दक्षिणी क्षेत्र के पोस्ट मास्टर जनरल बी.एल. सोनल, पासपोर्ट सेवा परियोजना निदेशक अर्जुन देवरे सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी विपुल देव ने कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त किया।
ई-पासपोर्ट व्यवस्था की ओर बढ़ रहा देश
ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पासपोर्ट सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। इन सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाया गया है। उन्होंने बताया कि कोटा स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से राजस्थान के 16 जिलों के नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं और पिछले तीन वर्षों में लगभग दो लाख पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भविष्य में ई-पासपोर्ट व्यवस्था को भी तेजी से लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे नागरिकों को और अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
बूंदी के विकास पर भी दिया जोर
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बूंदी अपनी ऐतिहासिक धरोहरों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण देश-दुनिया में विशेष पहचान रखता है। सरकार का प्रयास है कि विरासत संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए। पर्यटन, आधारभूत संरचना और कृषि आधारित उद्योगों के विकास के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में देश-विदेश से आने वाले पर्यटक बूंदी की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ यहां के विकास और बदलाव की नई तस्वीर भी देखेंगे।