



राजस्थान की राजनीति में चर्चा का विषय बने भैराणा धाम विवाद में बुधवार देर रात बड़ा समाधान निकल आया। साधु-संतों के आंदोलन और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के जयपुर कूच ऐलान के बाद सरकार ने रीको क्षेत्र में चल रहे कार्य को रोकने पर सहमति दे दी है। इसके बाद जयपुर कूच को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
हनुमान बेनीवाल ने आंदोलन स्थल पर घोषणा करते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर सहमत हो गई है और आज ही कार्य रोकने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 800 बीघा भूमि पर चल रहा रीको का कार्य अब बंद रहेगा और आगे किसी प्रकार का निर्माण या विकास कार्य नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मामले के समाधान के लिए साधु-संतों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की एक पांच सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति पर्यावरण, धार्मिक और पर्यटन से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। समिति की पहली बैठक अगले 10 दिनों के भीतर आयोजित की जाएगी।
बेनीवाल ने बताया कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद साधु-संतों की सहमति से ही रीको मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरी प्रक्रिया में लगभग 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संत समाज की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात भी करवाई जाएगी।
इस फैसले के बाद आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच बना तनाव फिलहाल शांत होता दिखाई दे रहा है। दिनभर चले आंदोलन और देर रात तक चली वार्ता के बाद यह सहमति बनी। प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि बड़ी संख्या में समर्थकों के जयपुर कूच की स्थिति में कानून-व्यवस्था की चुनौती खड़ी हो सकती थी।
भैराणा धाम के आसपास रीको क्षेत्र आवंटन को लेकर साधु-संतों और ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई थी। आंदोलनकारियों का कहना था कि इस परियोजना से धार्मिक और पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होगा। अब सरकार द्वारा कार्य रोकने के निर्णय के बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।