



अजमेर। अजमेर दरगाह के गेट नंबर 4 की छत पर शनिवार रात करीब 10:30 बजे ट्रांसफार्मर के लिए बिछी वायरिंग केबल में अचानक आग लग गई। आग की ऊंची लपटें दूर से दिखाई देने लगीं, जिससे दरगाह क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और जायरीन में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि स्थानीय लोगों, व्यापारियों और खादिमों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दरगाह के गेट नंबर 4 की छत पर बिजली के तारों का जाल बना हुआ है। शनिवार रात हुई बारिश के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे तेज आवाज के साथ चिंगारियां निकलने लगीं। देखते ही देखते तारों में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगते ही क्षेत्र में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। जायरीन और आसपास मौजूद लोग घबरा गए। आग की तेज लपटें और धुएं के गुबार ने लोगों में डर पैदा कर दिया।
सैयद कलीमुद्दीन चिश्ती ने बताया कि स्थानीय लोगों, व्यापारियों, खादिमों और दरगाह कमेटी के सदस्यों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए फायर सेफ्टी सिलेंडर और बजरी की मदद से आग को फैलने से रोक दिया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
उन्होंने बताया कि यदि आग समय रहते नहीं बुझाई जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि दरगाह क्षेत्र में हर समय भारी संख्या में जायरीन मौजूद रहते हैं।
घटना की सूचना मिलते ही Tata Power के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और बिजली सप्लाई बंद कर आवश्यक रखरखाव कार्य शुरू किया। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा, लेकिन आग पर काबू पाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। अब प्रशासन और बिजली विभाग द्वारा वायरिंग व्यवस्था की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।