



उदयपुर। चर्चित ‘उदयपुर फाइल्स’ विवाद के बीच अब एक कथित ऑडियो सामने आने से राजनीतिक हलकों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। यह ऑडियो भाजपा के एक पदाधिकारी का बताया जा रहा है। ऑडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के शहर जिला मंत्री तुषार मेहता ने सूरजपोल थाने में परिवाद पेश कर मामले में कानूनी कार्रवाई और ऑडियो के प्रसार पर रोक लगाने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि मामला करीब दो दिन पुराना है। जानकारी के अनुसार तुषार मेहता पार्टी कार्यालय में मौजूद थे और वहां किसी व्यक्ति से अनौपचारिक रूप से ‘उदयपुर फाइल्स’ से जुड़े मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान किसी कार्यकर्ता ने कथित रूप से उनकी बातचीत रिकॉर्ड कर ली।
बताया जा रहा है कि इस ऑडियो में मेहता ‘उदयपुर फाइल्स’ से जुड़े कथित नेताओं और पूरे मामले को मैनेज करने को लेकर चर्चा करते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो सामने आने के बाद पार्टी के भीतर खींचतान और तेज हो गई है।
भारतीय जनता पार्टी के शहर जिला मंत्री तुषार तुषार मेहता का कहना है कि उनकी सामाजिक और मानसिक छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मजाक या अनौपचारिक बातचीत को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
इस कथित ऑडियो के सामने आने के बाद पार्टी का दूसरा गुट भी सक्रिय हो गया है। चर्चा है कि इस गुट ने शहर विधायक के साथ मिलकर प्रदेश प्रभारी समेत अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात कर संगठन के मुखिया को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि नेताओं ने इसे केवल संगठनात्मक बैठक बताया है और सार्वजनिक रूप से कुछ भी बोलने से इनकार किया है।
सूत्रों के अनुसार दूसरा गुट अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। इस गुट ने भाजपा राजस्थान प्रभारी राधामोहन अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी और प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच को लिखित शिकायत सौंपी है। नाराज नेताओं का कहना है कि ‘डर्टी फाइल्स’ विवाद के बाद आमजन में पार्टी को लेकर अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। उनका आरोप है कि चार्जशीट में महिला नेता के वीडियो असली पाए जाने के बावजूद उन्हें लगातार पार्टी कार्यक्रमों में बुलाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक पार्टी की ओर से किसी पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
प्रदेश प्रभारी राधामोहन अग्रवाल ने इस पूरे विवाद पर नाराज नेताओं को आश्वस्त किया है कि मामला संगठन के संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी लोग पार्टी हित में काम करें और समय आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि शिकायत करने वाले समूह में शहर विधायक ताराचंद जैन के साथ पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त सिंह चौहान, अतुल चंडालिया, किरण जैन, रेखा ऊंटवाल, अनिल सिंघल, आकाश बागरेचा, दीपक बोल्या, नीरज अग्निहोत्री, गजेंद्र भंडारी और ललित तलेसरा शामिल थे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में भाजपा संगठन के भीतर और बड़ा रूप ले सकता है।