



सीकर जिले के खाटूश्यामजी कस्बे में युवक करण कुमावत पर हुए जानलेवा हमले के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को धरने के पांचवें दिन प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर से मशाल जुलूस निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। जुलूस में शामिल लोगों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए नारेबाजी की और चेतावनी दी कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार 26 मई को करण कुमावत पर जानलेवा हमला किया गया था। घटना के बाद पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया और 1 जून को खाटूश्यामजी में सांकेतिक धरना भी आयोजित किया गया था। इसके बावजूद मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पीड़ित पक्ष और सामाजिक संगठनों ने पांच दिन पहले सीकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। शुक्रवार को इसी क्रम में मशाल जुलूस निकाला गया, जो कलेक्ट्रेट से कल्याण सर्किल और तापड़िया बगीची होते हुए वापस धरना स्थल पहुंचा।
धरने में शामिल शिवभगवान ने आरोप लगाया कि पुलिस अभी तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार मंत्री ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस की ओर से लगातार यही कहा जा रहा है कि कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हैं, लेकिन अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
इस बीच मामले की जांच कर रही खाटूश्यामजी थाना पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी राकेश जांगिड़ की फरारी के दौरान उसकी मदद करने के आरोप में सुभाष बिदावत को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि घटना के बाद सुभाष ने मुख्य आरोपी को अपनी मोटरसाइकिल से गोविंदगढ़ तक पहुंचाया था और अपने मोबाइल फोन के जरिए उसके परिचितों से संपर्क करवाया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी सुभाष ने अपने डिजिटल भुगतान खाते के माध्यम से पैसे मंगवाकर मुख्य आरोपी तक पहुंचाए तथा व्हाट्सएप के जरिए पुलिस की गतिविधियों और कार्रवाई की जानकारी भी साझा की। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही मामले में अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
हालांकि धरना दे रहे लोगों का कहना है कि जब तक सभी नामजद और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। मामले को लेकर जिले में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।