



सीकर। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को अपने सीकर स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचारी लोगों का जमावड़ा थी, जो अब बिखर गया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने यूपीए सरकार के समय आम आदमी पार्टी को समर्थन दिया, फंडिंग की और मैनपॉवर उपलब्ध करवाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सत्ता नहीं आ रही थी और लोग इकट्ठा नहीं हो रहे थे, इसलिए आम आदमी पार्टी को खड़ा किया गया।
उन्होंने कहा कि अब भाजपा को समझ आ गया कि यह लोग भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के जिन 7 सांसदों ने भाजपा जॉइन की है, उन पर ED और इनकम टैक्स के मामले चल रहे हैं और भाजपा इनका उपयोग कर रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा ऑपरेशन लोटस के तहत इन नेताओं का उपयोग पंजाब में कांग्रेस के खिलाफ करना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले दिल्ली और गुजरात में ऐसा कर चुकी है और अब पंजाब में भी यही रणनीति अपना रही है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की कोई विचारधारा नहीं थी और वह भाजपा की B टीम बनकर काम कर रही थी। अब यह टीम समाप्त हो चुकी है, जिससे जनता को राहत मिलेगी और राजनीति में विचारधारा की बात होगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने शिक्षा के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय कक्षा 11वीं और 12वीं में ‘आजादी के पहले और बाद का स्वर्णिम भारत’ पुस्तक शुरू की गई थी, जिससे राजस्थान के शौर्य, स्वतंत्रता संग्राम और इतिहास की जानकारी मिलती थी। इन पुस्तकों की पूरे देश में सराहना हुई थी और NCERT ने भी इसकी प्रशंसा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब राज्य सरकार ने इन चारों किताबों को बंद कर दिया है। यदि सरकार के पास इससे बेहतर पाठ्यक्रम है तो उसे लागू करे, लेकिन केवल किताबें बंद करना उचित नहीं है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और संगोष्ठियों में ‘आपातकालीन संघर्ष की गाथा’ नामकआरएसएस विचारधारा से जुड़ी किताबें बांटी जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा में आरएसएस का एजेंडा लागू कर रही है और छात्रों पर अपनी विचारधारा थोपने के लिए सरकारी संसाधनों व कर्मचारियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक नवाचार करने के बजाय विचारधारा आधारित राजनीति कर रही है, जो निंदनीय है।