



जोधपुर। सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह शनिवार को गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि नवजीवन की शुरुआत है। अर्जित ज्ञान को समाज और राष्ट्रहित में समर्पित करना ही दीक्षांत का मूल उद्देश्य है।
राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां प्राप्त शिक्षा को व्यवहार में उतारने का संकल्प लिया जाता है। उन्होंने प्राचीन गुरुकुल परंपरा के ‘समावर्तन संस्कार’ का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य सत्य, धर्म और विनम्रता के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे नागरिकों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, अपराधों की रोकथाम और न्याय की रक्षा के प्रहरी बनें। उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाले देश में पुलिसिंग अत्यंत चुनौतीपूर्ण है, जहां साइबर अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों का प्रसार और सामाजिक असंतुलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
राज्यपाल ने कहा कि ‘जन सेवा ही परम धर्म’ की भावना के साथ कार्य करते हुए तथा जनता को मित्र मानकर ही पुलिस अपनी सकारात्मक छवि बना सकती है। जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के महत्व पर बल देते हुए कहा कि डेटा एनालिटिक्स, फोरेंसिक साइंस और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में दक्षता आवश्यक है, लेकिन इसके साथ मानवीय मूल्यों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।राज्यपाल ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है। विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का आधार है। विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर एकाग्रता और समर्पण के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
न्याय व सेवा से सशक्त होगा राष्ट्र : देवनानी
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय धर्म की जड़ है और सेवा राष्ट्र का प्राण। उन्होंने इसे संकल्प दिवस बताते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्र सेवा, न्याय और मानवीय मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय पुलिसिंग, आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और दाण्डिक न्याय के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है तथा विद्यार्थियों को व्यवहारिक और शोध आधारित शिक्षा प्रदान कर रहा है।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से अपेक्षा जताई कि वह पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा और फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में मौलिक एवं शोध आधारित कार्यों को बढ़ावा देकर देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। समारोह के दौरान राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने छात्र-छात्राओं को डिग्री और पदक प्रदान किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।