



जयपुर। जयपुर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनोखी और ऐतिहासिक पहल की गई है। शहर के महेश नगर में विश्व के पहले ‘कार्बन क्रेडिट’ श्मशान ‘ग्रीन मोक्ष धाम’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य अंतिम संस्कार से होने वाले भारी कार्बन उत्सर्जन को ‘नेट जीरो’ पर लाकर ग्लोबल वार्मिंग को कम करना है। इस विशेष परियोजना का उद्घाटन कालीचरण सराफ और डॉ. पद्मा एस. राव ने किया।
गौमाया संस्था के फाउंडर डॉ. सीताराम गुप्ता ने बताया कि नगर निगम जयपुर के साथ एमओयू कर शहर के 11 मोक्ष धामों को गोद लिया गया है, जहां गोमय समिधा से निशुल्क अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट जेनेवा के गोल्ड स्टैंडर्ड से अप्रूव होने वाला दुनिया का पहला कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट बनने जा रहा है। इसे प्रसिद्ध भामाशाह योगेश मित्तल, राजा मुकीम और जयपुर खंडेलवाल वैश्य समाज समन्वय समिति के सहयोग से विकसित किया गया है। इस प्रोजेक्ट को नीरी (नागपुर) के तकनीकी मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार पारंपरिक लकड़ी आधारित अंतिम संस्कार में बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य गैसों का उत्सर्जन होता है, जबकि गोमय समिधा आधारित यह मॉडल पर्यावरण के अनुकूल है और कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम करता है।
इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक परंपराओं के संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।कार्यक्रम में शंकर टोडवाल, गिरिराज प्रसाद माणक बोहरा सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ‘ग्रीन मोक्ष धाम’ न केवल जयपुर बल्कि पूरे विश्व के लिए पर्यावरण संरक्षण का एक नया मॉडल बन सकता है।