



नई दिल्ली। देश की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने का ऐलान कर दिया। दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे। राघव चड्ढा ने दावा किया कि उनके साथ आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद भी भाजपा में शामिल होंगे।
राघव चड्ढा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें महसूस हो रहा था कि वह “गलत पार्टी में सही आदमी” हैं। उन्होंने कहा कि अब आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक चुकी है और राष्ट्रहित के बजाय निजी हितों के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए वे और उनके साथ सांसद भाजपा में विलय करेंगे।
राघव चड्ढा ने कहा कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से 7 सांसद उनके साथ हैं। उन्होंने जिन नामों का जिक्र किया, उनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रम साहनी शामिल हैं। यदि यह दावा सही साबित होता है तो राज्यसभा में AAP की ताकत को बड़ा झटका लगेगा। बताया जा रहा है कि अशोक मित्तल के घर 15 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की थी। इसके बाद उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई थी। अब उनके सार्वजनिक रूप से राघव चड्ढा के साथ आने से राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम खासतौर पर पंजाब की राजनीति पर असर डाल सकता है, क्योंकि अगले साल वहां विधानसभा चुनाव होने हैं। AAP के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है, जबकि भाजपा के लिए यह रणनीतिक बढ़त हो सकती है। आने वाले दिनों में राज्यसभा और पंजाब की राजनीति में इसके असर साफ दिखाई दे सकते हैं।