Friday, 24 April 2026

25 अप्रैल को जयपुर बनेगा ‘न्यायिक राजधानी’, राजस्थान हाईकोर्ट के सभी जज करेंगे सुनवाई, बार एसोसिएशन ने बहिष्कार का ऐलान किया बहिष्कार


25 अप्रैल को जयपुर बनेगा ‘न्यायिक राजधानी’, राजस्थान हाईकोर्ट के सभी जज करेंगे सुनवाई, बार एसोसिएशन ने बहिष्कार का ऐलान किया बहिष्कार

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जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायिक इतिहास में शनिवार, 25 अप्रैल एक ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। संभवतः पहली बार राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ के सभी न्यायाधीश जयपुर पीठ में बैठकर सुनवाई करेंगे। इस विशेष व्यवस्था के चलते जयपुर एक दिन के लिए ‘न्यायिक राजधानी’ के रूप में स्थापित होगा। हालांकि इस ऐतिहासिक मौके के बीच अधिवक्ताओं के विरोध ने माहौल को और गरमा दिया है। तीनों प्रमुख बार एसोसिएशनों ने न्यायिक बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के आदेश से जारी रोस्टर के अनुसार 25 अप्रैल को राजस्थान हाईकोर्ट में 4 लार्जर बेंच, 6 खंडपीठ और 15 एकलपीठ गठित की गई हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। हाईकोर्ट की स्थापना के बाद संभवतः पहली बार एक साथ चार वृहदपीठों का गठन हुआ है। इसे न्यायिक इतिहास की बड़ी घटना माना जा रहा है।

विशेष बात यह है कि जोधपुर मुख्यपीठ के मामलों की सुनवाई भी जयपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। जस्टिस वीनीत माथुर, जस्टिस कुलदीप माथुर और जस्टिस नुपुर भाटी की वृहदपीठ जयपुर से जोधपुर के दीवानी मामलों की सुनवाई करेगी। हालांकि तकनीकी चुनौतियों और नेटवर्क समस्याओं को लेकर अधिवक्ताओं में चिंता भी जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के जयपुर दौरे और कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए यह विशेष सिटिंग व्यवस्था की गई है। इसे न्यायिक व्यवस्था में बड़े बदलाव और प्रशासनिक प्रयोग के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।

इधर, इस ऐतिहासिक दिन के साथ विरोध भी तेज हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 7 मार्च 2026 और 25 अप्रैल 2026 को न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्णय लिया था, जिसे अब अधिवक्ता समूहों में लगातार प्रसारित किया जा रहा है।

गौरतलब है कि 20 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना के तहत प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को कार्यदिवस घोषित किए जाने के निर्णय का अधिवक्ता लगातार विरोध कर रहे हैं। इसी के विरोध में 25 अप्रैल को बहिष्कार की घोषणा की गई है। एक ओर जयपुर न्यायिक इतिहास रचने को तैयार है, वहीं दूसरी ओर अधिवक्ताओं का विरोध इस दिन को और अधिक चर्चित बना रहा है। अब सबकी नजरें शनिवार को होने वाली कार्यवाही और उसके व्यापक प्रभाव पर टिकी हैं।

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