



राजस्थान में गर्मी ने एक बार फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को प्रदेश के 12 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा गर्मी कोटा में रही, जहां पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का उच्चतम स्तर है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बाड़मेर, जैसलमेर, चित्तौड़गढ़ और बीकानेर जैसे जिलों में भी तापमान 40 डिग्री के आसपास या उससे अधिक दर्ज किया गया। वहीं जयपुर और फलोदी में दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म बनी हुई हैं, जहां न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड हो रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने अगले 4-5 दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने और अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है। विभाग ने कई जिलों में हीटवेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में लू चलने की स्थिति बन सकती है।
जारी पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 26 अप्रैल तक पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम मानचित्र में 22 और 23 अप्रैल को कुछ जिलों में ‘वॉच’ (सतर्क) श्रेणी दिखाई गई है, जबकि अन्य दिनों में अधिकांश प्रदेश में कोई विशेष चेतावनी नहीं है।
गर्मी का असर पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखने लगा है। उदयपुर और अजमेर जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। वहीं कोटा के अस्पतालों में हीटवेव से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं और अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के बीच लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए, पर्याप्त पानी पीना चाहिए और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।