



जयपुर। राजस्थान सरकार ने फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) जयपुर में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए निदेशक डॉ. अजय शर्मा सहित चार वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाकर एपीओ कर दिया है। इस कार्रवाई को डीएनए जांच किट की खरीद में कथित गड़बड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिस पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और मामला विधानसभा तक पहुंच चुका है।
एपीओ किए गए अधिकारियों में सिरोलॉजी-डीएनए विभाग के सहायक निदेशक डॉ.आनंद कुमार, सहायक निदेशक डॉ भावना पूनिया और सिरोलॉजी सेक्शन के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारीडॉ रामकृष्ण कमावत शामिल हैं। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों की भूमिका को लेकर पूर्व में भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित पदों पर अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया है। क्षेत्रीय FSL भरतपुर के अतिरिक्त निदेशक डॉ रक मिश्रा जयपुर FSL के निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। वहीं, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी हरिनारायण को सहायक निदेशक (सिरोलॉजी-डीएनए) का अतिरिक्त चार्ज सौंपा है।
इसके अलावा जैविक मुख्य प्रयोगशाला के सहायक निदेशक डॉ. बैजू माथुर को सिरोलॉजी अनुभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी का कार्यभार दिया गया है, जबकि RFSL अजमेर के सहायक निदेशक बलवंत खज्जा को सिरोलॉजी-डीएनए विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि सरकार डीएनए किट खरीद में हुई कथित अनियमितताओं को गंभीरता से ले रही है और जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठा रही है। आने वाले समय में इस मामले में जांच और भी तेज होने की संभावना है, जिससे और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
