



अजमेर। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और प्रतिकर्ष के नेता टीकाराम जूली ने शनिवार सुबह अजमेर जिले के फारकिया गांव में मनरेगा कार्यस्थल पर श्रमिकों के साथ श्रमदान कर मजदूरों की समस्याएं सुनीं। कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के साथ गांव कानपुरा में रात्रि विश्राम के बाद डोटासरा सुबह फारकिया पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 120 मनरेगा श्रमिकों के साथ काम किया और उनके जीवन, संघर्ष तथा आजीविका से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया।
डोटासरा ने कहा कि श्रमिकों के हाथों के छाले केवल मेहनत का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि देश के निर्माण और विकास की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण मजदूर अपने श्रम से गांव, समाज और देश का भविष्य गढ़ते हैं और उनके योगदान को सम्मान मिलना चाहिए।
मनरेगा कार्यस्थल पर महिला श्रमिकों से बातचीत करते हुए डोटासरा ने उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज को कांग्रेस पार्टी हर मंच पर मजबूती से उठाएगी और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि मनरेगा कमजोर होती है तो ग्रामीण गरीबों और श्रमिकों का काम का अधिकार प्रभावित होगा। कांग्रेस पार्टी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए विधानसभा से लेकर लोकसभा तक संघर्ष करती रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान डोटासराऔर प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने श्रमिकों के साथ बैठकर भोजन भी किया। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के स्नेह, अपनत्व और सादगी ने उन्हें ग्रामीण भारत की वास्तविक ताकत का अनुभव कराया। उनके अनुसार श्रमिकों के साथ बिताया गया समय केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि उनके जीवन और संघर्षों को समझने का एक भावनात्मक अनुभव था।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी श्रमिकों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि फारकिया गांव से शुरू हुआ यह अभियान आगे भी राजस्थान के विभिन्न जिलों में जारी रहेगा।