



जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को ‘राज उन्नति’ की तीसरी बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य की प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में लगभग 4,258 करोड़ रुपये की लागत वाली 8 परियोजनाओं और 2 योजनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने संपर्क पोर्टल पर प्राप्त परिवेदनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री शर्मा ने पंच गौरव कार्यक्रम को राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए इसके प्रभावी विस्तार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर प्रत्येक जिले की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। इसके साथ ही किसानों को प्रोसेसिंग यूनिट्स से जोड़ने और पर्यटन के साथ समन्वय कर रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में द्रव्यवती नदी को अपशिष्ट मुक्त बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने, औद्योगिक इकाइयों को सीईटीपी से जोड़ने और उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही ब्रह्मगुप्त सेंटर ऑफ फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज के तहत ब्लॉकचेन, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग के उत्कृष्ट केंद्रों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जल्द क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कस्टम हायरिंग सेंटर, सहकारी गोदाम निर्माण, सड़क परियोजनाओं और औद्योगिक इकाइयों से जुड़े कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए और थर्ड पार्टी निरीक्षण के माध्यम से मानकों की पालना सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने आमजन से संवाद भी किया, जिसमें परिवादियों ने संपर्क पोर्टल के माध्यम से समस्याओं के समाधान पर संतोष व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि ‘राज उन्नति’ पहल के तहत मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधे संवाद कर विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर एक नवाचार के रूप में मान्यता मिल चुकी है।