



जयपुर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने व्यावसायिक एलपीजी गैस के आवंटन के लिए नई वितरण नीति जारी कर दी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में घटनाक्रमों के कारण 8 मार्च को केंद्र सरकार के एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के तहत कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई थी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। अब केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में व्यावसायिक गैस आपूर्ति को चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू किया जा रहा है और यह सप्लाई पहले की स्थिति के लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
नई नीति के तहत एलपीजी गैस का आवंटन विभिन्न क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को 100 प्रतिशत आपूर्ति दी जाएगी, जबकि होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और डेयरियों को 60 प्रतिशत, औद्योगिक उपभोक्ताओं को 40 प्रतिशत और अन्य एनडीएनई उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत गैस आवंटित की जाएगी। इसके अलावा प्रवासी श्रमिकों और फूड कार्ट संचालकों को जरूरत के अनुसार 5 किलोग्राम के अधिकतम दो सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं मंदिरों, धार्मिक आयोजनों और विवाह समारोहों के लिए 50 प्रतिशत एलपीजी गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी एवं नगर निगम अस्पतालों, स्कूल-कॉलेजों (होस्टल और मिड-डे मील सहित), सरकारी कार्यालयों के कैंटीन, पुलिस एवं सुरक्षा बलों के मेस, सहकारी समितियों के कैंटीन, अनुसंधान संस्थानों की प्रयोगशालाओं और पंजीकृत धर्मार्थ संस्थाओं को 100 प्रतिशत व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्री के अनुसार, केंद्र के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा आवंटन में वृद्धि और राज्य स्तर पर पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के विस्तार के कारण यह सुधार संभव हो पाया है। नई नीति को गैस आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित करने और पूर्व स्थिति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।