



जयपुर। दांडी मार्च की 96 वर्षगांठ पर जयपुर में भारत सेवा संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में निकल गया दांडी मार्च के समापन अवसर पर ने पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और हालात ऐसे बन गए हैं मानो अघोषित इमरजेंसी लागू हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायपालिका और जांच एजेंसियां दबाव में काम कर रही हैं तथा संसद में भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। गहलोत ने कहा कि महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को नमक कानून के विरोध में दांडी मार्च शुरू किया था, जो बाद में देशव्यापी जन आंदोलन बन गया।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज देश में महंगाई और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है और जन आंदोलन की आवश्यकता महसूस हो रही है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुई फायरिंग की घटना पर भी चिंता जताई और इसे गंभीर मामला बताया।
एलपीजी सिलेंडर संकट को लेकर कांग्रेस करेंगी आंदोलन
मीडिया से बात करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने जन आंदोलन शुरू किया था। आज भी देश में सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है। अघोषित इमरजेंसी लगी हुई है। पत्रकारों, साहित्यकारों और विपक्ष के नेताओं की आवाज को दबाया जा रहा है। प्रधानमंत्री केवल झूठ बोलने में व्यस्त हैं, वो तानाशाही के जरिए देश चला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज एलपीजी के दाम आसमान छू रहे हैं और लोग कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। डोटासरा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान हालातों में यह मार्च बेहद जरूरी हो गया है और आने वाले दिनों में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी व बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेंगी।
जूली बोले- आज देश के हालात ठीक नहीं
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सभी धर्म-जाति के लोग गांधी के दांडी मार्च में शामिल हुए क्योंकि ये लोगों के जीवन से जुड़ी बात थी। आज देश में हालात ठीक नहीं है। लगातार लोगों की आवाज दबाई जा रही है। यह ठीक नहीं है। सरकार को इन बातों पर ध्यान देना चाहिए।
इस मौके पर जयपुर में भारत सेवा संस्थान के तत्वावधान में दांडी मार्च की स्मृति में मौन पैदल मार्च भी निकाला गया। यह मार्च शहीद स्मारक से शुरू होकर एमआई रोड, अजमेरी गेट और एसएमएस हॉस्पिटल होते हुए सेंट्रल पार्क स्थित गांधी म्यूजियम तक पहुंचा। करीब चार किलोमीटर लंबे इस मार्च में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक रफीक खान, डूंगर राम गैदर सहित कई कांग्रेस नेता और गांधीवादी विचारक शामिल हुए। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और कार्यकर्ता भी हाथों में महात्मा गांधी और दांडी मार्च से जुड़े पोस्टर-बैनर लेकर शामिल हुए।