



उदयपुर। झाड़ोल उप कारागृह में कैदियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा के निरीक्षण के दौरान कैदियों ने आरोप लगाया कि जेलर करण गरासिया और जेल प्रहरी उनके साथ बेरहमी से मारपीट करते हैं। कैदियों ने बताया कि उन्हें पट्टों से पीटा जाता है, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। निरीक्षण के दौरान कैदियों ने हाथ-पैर और पीठ पर घाव के निशान भी एडीजे को दिखाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजे शर्मा ने तीन कैदियों से लिखित शिकायत ली और उन्हें मेडिकल जांच के लिए भेजा। इसके बाद झाड़ोल थाने में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान जेल में कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। कैदियों ने बताया कि उनमें से कई बंदी बाहरी जिलों के हैं और उनके मामलों की सुनवाई उदयपुर में नहीं हो रही है। इसके बावजूद उनकी पेशी न तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराई जा रही है और न ही उन्हें अदालत ले जाया जा रहा है, जिससे न्याय प्रक्रिया में देरी हो रही है। इसके अलावा बैरकों में लगे कई पंखे खराब पाए गए, कुछ बैरकों में पंखे ही नहीं हैं। जेल में अखबार, किताबें या अन्य पठन सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। पानी की टंकी में पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं होने से बंदियों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जेल की क्षमता करीब 100 कैदियों की है, जबकि वर्तमान में यहां लगभग 136 बंदी रखे गए हैं।
एडीजे कुलदीप शर्मा ने कहा कि कैदियों के साथ जेल अधिकारियों द्वारा मारपीट करना गंभीर अपराध है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट जयपुर स्थित उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और जेलर तथा संबंधित प्रहरियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं जेलर करण गरासिया ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ कैदी आपस में झगड़ रहे थे, जिन्हें शांत कराने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया था। हालांकि कैदियों के शरीर पर गंभीर घाव के निशान मिलने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।