



नई दिल्ली। लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल को लोकसभा उपाध्यक्ष बनाने की पैरवी की।
ओवैसी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 93 में लोकसभा उपाध्यक्ष के पद का स्पष्ट प्रावधान है, लेकिन लंबे समय से इस पद पर नियुक्ति नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि वे चंद्रशेखर, राजकुमार रोत और अन्य सांसदों के साथ मिलकर हनुमान बेनीवाल को लोकसभा उपाध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव लाएंगे। ओवैसी ने यह भी कहा कि इस प्रस्ताव में अन्य विपक्षी सांसदों का भी समर्थन लिया जाएगा और उन्होंने पप्पू यादव का भी नाम लेते हुए कहा कि वे भी इस पहल में शामिल हो सकते हैं।
ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में शक्ति का पृथक्करण संविधान की मूल भावना है, लेकिन पिछले कुछ समय से यह देखने में आ रहा है कि सरकार बार-बार विधायिका पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि संसद की संस्थागत व्यवस्था और संवैधानिक प्रावधानों का पालन किया जाना जरूरी है, इसलिए लोकसभा उपाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर विपक्ष जल्द प्रस्ताव लाएगा।