



जयपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में आयोजित अभिनंदन एवं अवार्ड समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि घर की नींव की सबसे मजबूत ईंट महिला होती है और यदि वह नींव से निकल जाए तो पूरा घर हिल जाता है। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्हें हर क्षेत्र में बराबरी का अवसर और सम्मान मिलना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आए हैं, जो संसद से लेकर विधानसभा तक महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करेगा। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे आगे बढ़ने के लिए स्वयं पहल करें और महिलाओं के हित में महिलाओं द्वारा नेतृत्व स्थापित करें।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि उन्हें यह सुनना कभी अच्छा नहीं लगता कि समाज पुरुष प्रधान है, क्योंकि पुरुष को जन्म देने वाली भी नारी ही है। उन्होंने कहा कि समाज में पुरुष और महिला दोनों समान हैं और इसी सोच के साथ उन्होंने अपने कार्यकाल में भामाशाह नारी सशक्तिकरण योजना शुरू की, जिसके माध्यम से महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाया गया। इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी लिया गया।
उन्होंने महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि महिलाएं अपने जीवन और परिवार के फैसले स्वयं लें, आत्मनिर्भर बनें और अन्य महिलाओं को भी सशक्त बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि धैर्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने पर सफलता अवश्य मिलती है।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि आज हर क्षेत्र में शिक्षित बेटियां सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 1947 में भारत में महिलाओं की साक्षरता दर केवल 8 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर लगभग 68 प्रतिशत हो गई है। उच्च शिक्षा में महिलाओं का नामांकन लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। देश में करीब 2 करोड़ महिला उद्यमी हैं और MSME क्षेत्र में लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं सक्रिय हैं। इसके अलावा भारत में 26 प्रतिशत IAS अधिकारी महिलाएं हैं और UPSC सिविल सेवा में महिलाओं का चयन लगभग 41 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि प्रतिभा पाटिल, मीरा कुमार, अन्ना राजम मल्होत्रा और किरण बेदी जैसी महिलाओं ने यह साबित किया है कि शिक्षा और सही मार्गदर्शन से महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण देते हुए कहा कि साधारण परिवार से आने के बावजूद शिक्षा और मेहनत के बल पर वे देश के सर्वोच्च पद तक पहुंची हैं, जो महिलाओं के लिए प्रेरणा है।
कार्यक्रम में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन ओपी अग्रवाल, प्रेसिडेंट विक्टर गंभीर, वाइस चेयरपर्सन अमित अग्रवाल, अर्पित अग्रवाल, निधि अग्रवाल, डीन मैनेजमेंट स्टडीज रेणु पारीक और डीन डिजाइन स्टडीज शिवानी कौशिक सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।