



उदयपुर। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने आज के नेताओं को जनता का सच्चा सेवक बनने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि नेता के दिल और दिमाग में सेवा का भाव होना चाहिए और उसे सच को सच कहने की आदत डालनी चाहिए। शुरुआत में भले ही कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़े, लेकिन अंततः सच की ही जीत होती है।
कटारिया ने कहा कि नेताओं को शॉर्टकट के रास्ते से बचना चाहिए और अपनी मेहनत व ईमानदारी पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधियों को बड़ा सोचने की आवश्यकता है और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना चाहिए, क्योंकि वही उन्हें चुनकर सदन तक भेजती है। उनके इस बयान को उदयपुर में चल रही भाजपा की आंतरिक गुटबाजी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
राज्यपाल कटारिया ने इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। उन्होंने कहा कि बातचीत और आपसी समझ ही किसी भी विवाद का वास्तविक हल है। नेताओं को अपना अहंकार त्यागकर देश और आम जनता के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। युद्ध से केवल तबाही और नुकसान होता है, और अंततः आम लोगों को ही इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।
इन दिनों उदयपुर प्रवास पर रहे कटारिया ने होली के अवसर पर सेक्टर 11 स्थित अपने आवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उन्हें गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा उन्होंने शहर के विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में भी भाग लिया। नगर निगम में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना भी दी।
गौरतलब है कि कटारिया हर वर्ष होली के अवसर पर उदयपुर में अपने परिवार और कार्यकर्ताओं के बीच समय बिताते रहे हैं। वे 6 मार्च तक उदयपुर प्रवास पर रहेंगे।