



जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र की अब तक 20 बैठकें सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी हैं। अब पांच दिन के अवकाश के बाद सदन की कार्यवाही पुनः 5 और 6 मार्च को आयोजित की जाएगी। इन दो दिनों की बैठकें विधायी दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं, क्योंकि सरकार द्वारा तीन अहम विधेयक सदन में प्रस्तुत किए जाने प्रस्तावित हैं।
बजट सत्र की शुरुआती 20 बैठकों के दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू कीं। इनमें सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित, अनुशासित और समयबद्ध बनाने के प्रयास प्रमुख रहे।
आगामी कार्यवाही के पहले दिन 5 मार्च को सरकार राजस्थान जन विश्वास विधेयक 2026 तथा राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान विधेयक 2026 को सदन में प्रतिस्थापित करेगी। इन विधेयकों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देना और कारोबार से जुड़ी व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाना बताया जा रहा है।
इसके बाद 6 मार्च को राजस्थान विक्षुब्ध क्षेत्रों में स्थावर संपत्ति के अंतरण का प्रतिषेध एवं परिसरों से किराएदारों को बेदखली से संरक्षण संबंधी उपबंध विधेयक 2026 पेश किया जाएगा। यह विधेयक संवेदनशील क्षेत्रों में संपत्ति हस्तांतरण पर नियंत्रण और किराएदारों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान माना जा रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से भी आगामी दो दिन की कार्यवाही अहम रहने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष इन विधेयकों पर विस्तृत चर्चा और संशोधन की मांग उठा सकता है। ऐसे में बजट सत्र के अंतिम चरण में सदन में सक्रिय बहस और राजनीतिक तापमान बढ़ने के संकेत हैं।