



जयपुर। शहर में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत अब जयपुर के दूरदराज क्षेत्रों में स्थित थानों को भी सड़क दुर्घटनाओं की जांच का अधिकार दे दिया गया है। इससे पहले आयुक्तालय क्षेत्र में दुर्घटनाओं की जांच केवल विशेष सड़क दुर्घटना अनुसंधान इकाइयों द्वारा की जाती थी, लेकिन घटनास्थल तक पहुंचने में दूरी और समय की समस्या सामने आ रही थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रिंग रोड और हाईवे से जुड़े बाहरी इलाकों में तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हादसों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में जांच में देरी के कारण साक्ष्य प्रभावित होने और पीड़ितों को समय पर सहायता न मिलने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नर ने जांच प्रक्रिया को विकेन्द्रीकृत करने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत जयपुर पूर्व के खोह नागोरियान, बस्सी, कानोता, जामडोली, रामनगरिया और प्रताप नगर थानों को दुर्घटना जांच का अधिकार दिया गया है। जयपुर पश्चिम में सेज, भांकरोटा, वैशाली नगर, चित्रकूट और करणी विहार थाना पुलिस अब इन मामलों की जांच करेगी। वहीं जयपुर दक्षिण में कोटखावदा, चाकसू, मुहाना, शिवदासपुरा और सांगानेर सदर थानों को यह अधिकार प्रदान किया गया है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वर्तमान में जयपुर में चार विशेष दुर्घटना थाने संचालित हैं, लेकिन शहर के भौगोलिक विस्तार और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। नई प्रणाली लागू होने के बाद स्थानीय थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र कर सकेगी, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करेगी और वाहन जब्त करने जैसी कानूनी कार्रवाई समय पर पूरी कर सकेगी।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि पीड़ितों को त्वरित राहत और न्याय मिलने की संभावना भी बढ़ेगी। साथ ही, सड़क