Saturday, 28 February 2026

“सरकारी मंच से सियासी प्रहार, विकास पर सन्नाटा” – अजमेर दौरे पर पीएम मोदी को लेकर धर्मेंद्र राठौड़ का हमला


“सरकारी मंच से सियासी प्रहार, विकास पर सन्नाटा” – अजमेर दौरे पर पीएम मोदी को लेकर धर्मेंद्र राठौड़ का हमला

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

अजमेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे और जनसभा के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने प्रधानमंत्री के भाषण को राजनीतिक हताशा का परिणाम बताते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-राजनीतिक सरकारी मंच का उपयोग विकास योजनाओं की घोषणा के बजाय विपक्ष पर आरोप लगाने के लिए किया गया, जबकि अजमेर और प्रदेश की जनता ठोस विकास रोडमैप की अपेक्षा कर रही थी।

आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन, लोकतांत्रिक मूल्यों और बलिदान की परंपरा से जुड़ा रहा है, जिसे देश और दुनिया कभी भुला नहीं सकते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उपयोग की गई राजनीतिक भाषा राजस्थान की सांस्कृतिक परंपरा और अजमेर की गंगा-जमुनी तहजीब के अनुरूप नहीं है। आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष राठौड़ के अनुसार यदि प्रधानमंत्री अजमेर की धरती से विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर नई घोषणाएं करते तो जनता को वास्तविक लाभ मिलता।

उन्होंने प्रदेश में जल संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नदियों को जोड़ने और बड़ी जल योजनाओं के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अजमेर में आज भी लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। राठौड़ ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) सहित कई योजनाओं को कागजों तक सीमित बताते हुए कहा कि धरातल पर आम जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिला है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की योजनाओं का उल्लेख करते हुए राठौड़ ने कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकार उन जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने की घोषणा करती तो किसानों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं को राहत मिलती। उन्होंने आरोप लगाया कि “डबल इंजन सरकार” के दावों के बावजूद अजमेर में “ट्रिपल इंजन” व्यवस्था होने के बाद भी सफाई, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष राठौड़ ने यह भी कहा कि वर्ष 2024 में किए गए कई वर्चुअल शिलान्यास आज तक जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। रेलवे पुलिया सहित विभिन्न विकास परियोजनाएं अभी भी अधूरी हैं, जिससे जनता में निराशा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना देश विरोध नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार है और कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अजमेर यात्रा से लोगों को बड़े विकास विजन की उम्मीद थी, लेकिन ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आने से जनता को निराशा हाथ लगी और यह दौरा राजनीतिक भाषण तक सीमित रह गया।

Previous
Next

Related Posts