Thursday, 19 February 2026

राजस्थान को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में तेजी: राइजिंग राजस्थान से 8 लाख करोड़ निवेश जमीन पर: राज्यवर्धन राठौड़


राजस्थान को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में तेजी: राइजिंग राजस्थान से 8 लाख करोड़ निवेश जमीन पर: राज्यवर्धन राठौड़

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा में उद्योग, निवेश, खेल और युवा सशक्तीकरण पर चर्चा के दौरान उद्योग एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने राज्य सरकार की औद्योगिक विकास रणनीति और निवेश उपलब्धियों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपए के निवेश समझौतों (MoU) में से करीब 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश की ग्राउंडिंग शुरू हो चुकी है, जो राज्य में औद्योगिक क्रांति की दिशा में बड़ा कदम है। उद्योग एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, उत्पादन, निर्यात और रोजगार सृजन को जमीन पर उतारने के लिए तेज गति से काम कर रही है।

उद्योग एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि HPCL पचपदरा रिफाइनरी से जुड़े डाउनस्ट्रीम प्रोजेक्ट्स को गति दी जा रही है और प्रस्तावित पेट्रो जोन में 50 से अधिक उत्पाद निर्माण की दिशा में कार्य चल रहा है। इससे पश्चिमी राजस्थान में पेट्रो-केमिकल उद्योगों का मजबूत नेटवर्क विकसित होगा। उन्होंने कहा कि अलवर में 2200 करोड़ रुपए का निवेश शुरू होने जा रहा है, जबकि जयपुर में डाटा सेंटर और आधुनिक मेडिकल संस्थानों की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। धौलपुर, जोधपुर और सीकर जिलों में नई औद्योगिक इकाइयों की शुरुआत राज्य के औद्योगिक विस्तार का संकेत है।

उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली को “नीति भी स्पष्ट, नीयत भी साफ, परिणाम देता राजस्थान” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और रिजॉल्व मंत्र तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने विकास योजनाओं को कागजों से निकालकर क्रियान्वयन तक पहुंचाया है। उनके अनुसार राज्य आज देश के बड़े औद्योगिक नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

उद्योग एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अवसंरचना विकास को निवेश वृद्धि की रीढ़ बताते हुए कहा कि दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पांच नोड, जामनगर-अमृतसर इकोनॉमिक कॉरिडोर का 640 किलोमीटर हिस्सा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 370 किलोमीटर और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लगभग 500 किलोमीटर हिस्से से राजस्थान को दीर्घकालीन औद्योगिक लाभ मिलेगा। लगभग ढाई लाख करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहा यह इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगा।

उद्योग प्रोत्साहन योजनाओं का उल्लेख करते हुए उद्योग एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़  ने बताया कि RIPS-2024 लागू होने के बाद उद्योगों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए, जिससे निवेश प्रक्रिया तेज हुई। जहां पिछली सरकार के अंतिम दो वर्षों में उद्योगों को 487 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया था, वहीं वर्तमान सरकार ने दो वर्षों में ही 1600 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता वितरित की है। MSME पॉलिसी-2024 के तहत उद्योगों को 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान और अतिरिक्त 2 प्रतिशत सहायता दी जा रही है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती मिल रही है। सिंगल विंडो सिस्टम की सेवाओं को भी 88 से बढ़ाकर 181 कर दिया गया है, जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया सरल हुई है।

उन्होंने बताया कि सरकार को अब तक लगभग 30 हजार स्वरोजगार आवेदन प्राप्त हुए हैं और एक लाख नए उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। खेल क्षेत्र का उल्लेख करते हुए राठौड़ ने कहा कि 1786 खिलाड़ियों को 40 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी गई तथा 186 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में राजस्थान ने 60 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि शूटिंग स्पर्धा में 32 स्वर्ण पदकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया, जो राज्य की उभरती खेल क्षमता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक कॉरिडोर, नई औद्योगिक नीतियों, MSME प्रोत्साहन योजनाओं और निवेश सम्मेलनों के माध्यम से राजस्थान को देश का अग्रणी औद्योगिक और रोजगार केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

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