



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में उद्योग, युवा और खेल विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान गुरुवार को सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, ऑनलाइन सट्टा, एआई समिट विवाद और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सदन का माहौल गरमा गया।
बीजेपी विधायक महंत बालकनाथ ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकार के दौरान गोहत्या के आरोपियों को संरक्षण दिया गया और गंभीर मामलों में गलत निर्णय लिए गए। उनके बयान के बाद सदन में तीखी प्रतिक्रिया हुई और दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई।
कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर ने दिल्ली में आयोजित एआई समिट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा कथित रूप से विदेशी रोबोट को भारतीय बताने से देश की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की गंभीर जांच होनी चाहिए क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि से जुड़ा विषय है।
कांग्रेस विधायक अशोक चांदना ने ऑनलाइन सट्टेबाजी को बड़ा सामाजिक खतरा बताते हुए केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा—
युवाओं में बेरोजगारी, नशा और ऑनलाइन सट्टा बड़ी चुनौती बन चुके हैं
सट्टे में पैसा हारने के बाद युवा कर्ज और नशे की ओर बढ़ रहे हैं
ऊंचे ब्याज पर उधारी और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं
उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों से राजनीतिक चंदा लिया गया, जबकि सट्टे पर रोक की बात की जाती है।
मेहर ने कहा कि यदि कुछ लोगों को महात्मा गांधी के नाम से आपत्ति है तो नोटों से तस्वीर हटाने की बात क्यों नहीं की जाती। उन्होंने नरेगा योजना के नाम बदलने के मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की और युवाओं में बढ़ते नशे पर गंभीर नीति बनाने की मांग की।
पूरी बहस के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच लगातार वार-पलटवार चलता रहा। उद्योग और युवा नीतियों के साथ-साथ सामाजिक मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे, जिससे विधानसभा का माहौल राजनीतिक रूप से बेहद सक्रिय और तीखा बना रहा।