



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में बजट बहस के दौरान कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन और पिछली बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन पर कर्ज और “फ्रीबी” की राजनीति के आरोप लगाए थे, वही मौजूदा सरकार दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है।
बोहरा ने तंज कसते हुए कहा कि “फ्री बीज” (फ्रीबी) देने में राजस्थान देश में तीसरे नंबर पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राज्य के जीएसडीपी का 14 प्रतिशत तक फ्रीबी योजनाओं पर खर्च कर रही है। “हम पर आरोप लगाते थे, लेकिन हम तो आपसे बहुत पीछे थे,” कहते हुए उन्होंने वित्तीय अनुशासन पर सवाल उठाए।
कांग्रेस विधायक ने पिछले बजट की कई घोषणाओं के अधूरे रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक भी छात्रा को गार्गी पुरस्कार नहीं मिला, बच्चियों को ट्रांसपोर्ट वाउचर और प्रोत्साहन राशि तक नहीं दी गई। पिछले बजट में 5000 अन्नपूर्णा शॉप खोलने की घोषणा की गई थी, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि बजट में बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन धरातल पर उनका असर नजर नहीं आता। इससे सरकार की नीयत और कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
रोहित बोहरा ने “डबल इंजन” सरकार पर किसान विरोधी फैसले लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अमेरिकी ट्रेड डील से राजस्थान सहित देश के किसानों को भारी नुकसान होगा। यदि सोयाबीन और मक्का अमेरिका से जीरो टैरिफ पर आयात होता है, तो स्थानीय किसानों की उपज की कीमतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उनका आर्थिक संतुलन बिगड़ेगा।
बजट बहस के दौरान बोहरा के इन आरोपों ने सदन में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सरकार की ओर से विस्तृत जवाब दिए जाने की संभावना है।