



जयपुर। राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार द्वारा 11 फरवरी को प्रस्तुत तीसरे बजट को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा वर्ष 2026–27 के लिए की गई घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन ने सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), प्रमुख शासन सचिव और शासन सचिवों को पत्र लिखकर बजट घोषणाओं के इम्पलीमेंटेशन के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार कर 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है। पत्र में घोषणाओं को तीन श्रेणियों में विभाजित कर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि क्रियान्वयन प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
पहली श्रेणी में वे घोषणाएं शामिल हैं जिनमें कोई वित्तीय भार नहीं है। ऐसे मामलों में केवल प्रशासनिक स्तर पर प्रस्ताव बनाकर आदेश जारी किए जाने हैं। इन प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र तैयार कर भेजने को कहा गया है।
दूसरी श्रेणी में वे प्रकरण रखे गए हैं जिनमें प्रत्यक्ष वित्तीय भार नहीं है, लेकिन कार्मिक विभाग (DOP) या वित्त विभाग की स्वीकृति आवश्यक होगी। ऐसे प्रस्तावों को भी 15 दिन के भीतर तैयार कर संबंधित विभागों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
तीसरी श्रेणी में वे घोषणाएं शामिल हैं जिनसे सरकार पर वित्तीय भार पड़ेगा और जिनके लिए वित्तीय व तकनीकी स्वीकृति अनिवार्य होगी। ऐसे प्रस्तावों को 25 फरवरी तक तैयार कर वित्त विभाग, मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय में भेजने को कहा गया है, ताकि उच्च स्तर पर आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर बजट घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।
सरकार का उद्देश्य है कि बजट में की गई घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि तय समयसीमा के भीतर धरातल पर दिखाई दें। प्रशासनिक स्तर पर यह पहल बजट क्रियान्वयन की गति बढ़ाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।