



जयपुर सेंट्रल जेल में बंदियों के बीच मारपीट के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। गाली-गलौच को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया। जेल प्रशासन ने अलार्म बजाकर अतिरिक्त फोर्स बुलाई और उपद्रवियों को काबू कर विशेष सेल में बंद किया। हमले में घायल एक बंदी का इलाज SMS Hospital Jaipur में कराया गया। मामले में लालकोठी थाना में जेल प्रशासन की ओर से शिकायत दर्ज करवाई गई है।
थानाधिकारी प्रकाश राम विश्नोई ने बताया कि जेल प्रशासन की शिकायत पर दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पहली घटना दोपहर करीब 1 बजे वार्ड नंबर-11 में हुई, जहां विचाराधीन बंदी पुनित, नरेन्द्र उर्फ लाली, सचिन, कन्हैया, कोमल और योगेश ने उसी वार्ड में बंद विचाराधीन बंदी राहुल के साथ मारपीट की। आरोप है कि नुकीले पत्थर से हमला कर लात-घूंसों से पिटाई की गई। कारापाल प्रबंधक अशोक पारीक सहित जेल प्रशासन मौके पर पहुंचा और अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति नियंत्रित की गई। घायल राहुल के सिर और पैर में चोटें आईं।
जांच में सामने आया कि सुबह करीब 9:15 बजे वार्ड नंबर-2 में भी झगड़ा हुआ था। यहां विचाराधीन बंदी राहुल ने अपने साथियों—राहुल, महेन्द्र और मानव—के साथ मिलकर बंदी राजेश पर हमला किया और पत्थर से उसका सिर फोड़ दिया। सुरक्षा कारणों से राहुल और उसके साथियों को वार्ड नंबर-11 में ट्रांसफर किया गया, जहां बाद में दूसरा विवाद भड़क गया।
पुलिस जांच के अनुसार दोनों झगड़ों की जड़ गाली-गलौच रही। पूछताछ में एक बंदी पुनित ने खुद को हरियाणा की “कौशल गैंग” से जुड़ा बताया और आरोप लगाया कि राहुल ने उसके भाई कौशल के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद मारपीट हुई।
जेल प्रशासन ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।