



जयपुर। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने राजस्थान सरकार के तीसरे बजट को ऐतिहासिक बताते हुए इसे विकसित राजस्थान का सशक्त रोडमैप करार दिया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026–27 का बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के सर्वांगीण विकास को समर्पित है।
उन्होंने बताया कि 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये के इस बजट का आकार वर्ष 2023–24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। अवसंरचना विकास हेतु 53 हजार 978 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है, जो पूर्व की तुलना में दोगुने से अधिक है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 32 हजार 526 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो 53 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। कृषि बजट में 7.59 प्रतिशत तथा ग्रीन बजट में 20.81 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। शिक्षा के विस्तार हेतु 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और 400 विद्यालयों को ‘सीएम राइज विद्यालय’ के रूप में क्रमोन्नत किया जाएगा।
डॉ. बैरवा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाएगी और ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर विकसित होंगे। वीबीजी योजना में 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान, ग्रामीण महिला बीपीओ की स्थापना, नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में ऋण सीमा वृद्धि, जैसलमेर में अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन और शेखावाटी हवेली योजना के तहत 660 हवेलियों के पुनरुद्धार जैसे प्रावधान भी शामिल हैं। असहाय व्यक्तियों को दस्तावेजों के अभाव में भी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और निरोगी राजस्थान योजना के तहत निःशुल्क उपचार देने की घोषणा की गई है।
युवाओं के लिए 1.43 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और 1 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। किसानों के लिए 32 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं से यमुना जल को शेखावाटी क्षेत्र तक लाने की योजना है। 35 लाख से अधिक किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जाएंगे तथा 800 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान पर व्यय होंगे। नारी सशक्तिकरण के तहत 11 हजार अमृत पोषण वाटिकाएं, जिला स्तर पर महिला बीपीओ, 5 हजार बीसी सखी और 1 हजार बैंक सखी बनाने का प्रावधान है।
“बजट रकम का हिसाब नहीं, शासन की सोच का आइना” : जोगाराम पटेल
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यह बजट केवल रकम का हिसाब नहीं, बल्कि शासन की सोच का आइना है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन को आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए यह बजट महिला, युवा, मजदूर, किसान और वंचित वर्गों के लिए समर्पित है। वर्ष 2047 तक राजस्थान को 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह बजट आधार स्तंभ सिद्ध होगा।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के समय पेपर लीक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अब प्रतिभा को ही अवसर मिलेगा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है। जयपुर सहित जयपुर संभाग को विशेष प्राथमिकता देते हुए 1 हजार करोड़ रुपये अवसंरचना विकास, 500 करोड़ रुपये ड्रेनेज सिस्टम सुदृढ़ीकरण, 1800 करोड़ रुपये नई सड़कों, हाईवे पर 2 हजार कैमरों की स्थापना, एसएमएस अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य केंद्र, जेके लोन अस्पताल में 500 बेड का आईपीडी टॉवर, राज सुरक्षा एवं राज ममता योजना तथा 4 हजार हेक्टेयर में अरावली संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी।