Thursday, 12 February 2026

लोकसभा में हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल, राहुल गांधी के खिलाफ सब्सटेंसिव मोशन पेश


लोकसभा में हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल, राहुल गांधी के खिलाफ सब्सटेंसिव मोशन पेश

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

गुरुवार को बजट सत्र के दौरान लोकसभा में उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही आरंभ हुई, विपक्ष के सदस्य प्ले कार्ड और पोस्टर लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार हो रहे शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयासों के बावजूद माहौल शांत नहीं हुआ। स्पीकर की कुर्सी पर मौजूद केपी तेन्नेटी ने लगभग 7 मिनट बाद ही लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी। बाद में दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही पुनः शुरू की गई।

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा पहुंचे, जहां बजट और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की संभावनाएं जताई गईं। संसद के दोनों सदनों में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक का माहौल बना रहा।

भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा में एक सब्सटेंसिव मोशन पेश किया। दुबे ने राहुल गांधी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उनकी संसद सदस्यता समाप्त करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग की। इस कदम से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

‘सब्सटेंसिव मोशन’ एक ऐसा प्रस्ताव होता है, जिस पर सदन सीधे चर्चा कर सकता है और स्पष्ट निर्णय ले सकता है। इस प्रकार के मोशन में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाता है कि सदन किसी विशेष मुद्दे पर क्या निर्णय लेना चाहता है। यदि इस पर चर्चा होती है तो यह संसद की कार्यवाही का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है और इसके दूरगामी राजनीतिक प्रभाव हो सकते हैं।

बजट सत्र के दौरान इस प्रकार का हंगामा और गंभीर आरोप-प्रत्यारोप देश की राजनीति में बढ़ते टकराव को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

Previous
Next

Related Posts