



नई दिल्ली।लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान बुधवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इंडिया-यूएस ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस समझौते के जरिए “भारत माता को बेच दिया” और यह पूरी तरह “सरेंडर” है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अब अमेरिका तय करेगा कि भारत किस देश से तेल खरीदेगा और यह फैसला प्रधानमंत्री नहीं बल्कि बाहरी दबाव में होगा। उन्होंने कहा कि अगर भारत अमेरिका से डील करता तो बराबरी के आधार पर करता, “हम आपके नौकर नहीं हैं।”
राहुल गांधी ने वैश्विक परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में जियोपॉलिटिकल टकराव बढ़ रहा है। गाजा और यूक्रेन जैसे युद्ध क्षेत्रों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भारत को मजबूत और स्वतंत्र विदेश नीति की जरूरत है। उन्होंने आईटी सेक्टर की चुनौतियों और कुछ उद्योगपतियों पर भी सवाल उठाए।
राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को उनका जवाब सुनने की क्षमता रखनी चाहिए। सीतारमण ने कहा कि भारत को बेचने का आरोप लगाने वाली कांग्रेस को अपने अतीत को देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाली में ट्रेड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कांग्रेस सरकार के दौरान हुए, जिसमें भारत के हितों की पर्याप्त रक्षा नहीं की गई।
वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों के हितों से समझौता कांग्रेस ने किया था, जबकि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में जाकर भारत के खाद्य सुरक्षा अधिकारों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि जो पार्टी गरीबों को समय पर राशन नहीं दे पाई, उसे मौजूदा सरकार पर आरोप लगाने का अधिकार नहीं है।
सीतारमण ने राहुल गांधी पर बजट ठीक से न पढ़ने का आरोप लगाया और कहा कि वे गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई नियंत्रण में है और विपक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है।
वित्त मंत्री ने केरल में वाम सरकार और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जहां कम्युनिस्ट सरकार है, वहां आर्थिक विकास सबसे नीचे है। पश्चिम बंगाल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहे तो स्टेट जीएसटी कम कर सकती है, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही।
उन्होंने टीएमसी सांसदों के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि दुर्गापुर-आसनसोल फ्रेट कॉरिडोर, हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर और जूट व लेदर उद्योग से संबंधित घोषणाएं पश्चिम बंगाल के लिए महत्वपूर्ण हैं।
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए सीतारमण ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए रेलवे और हाईस्पीड कॉरिडोर में पर्याप्त निवेश किया गया है और गलत आरोप लगाना उचित नहीं है।
पूरे दिन चली बहस के दौरान कई बार सदन में शोर-शराबा हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप से बजट चर्चा का राजनीतिक तापमान और बढ़ गया। जहां विपक्ष ने सरकार पर राष्ट्रीय हितों से समझौते का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने कांग्रेस पर अतीत में लिए गए फैसलों को लेकर जवाबदेही तय करने की कोशिश की।