Wednesday, 11 February 2026

भाजपा सरकार की सामूहिक विफलताओं पर पर्दा डालने वाला बजट: धर्मेंद्र राठौड़


भाजपा सरकार की सामूहिक विफलताओं पर पर्दा डालने वाला बजट: धर्मेंद्र राठौड़

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अजमेर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने राजस्थान सरकार के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “निराशाजनक” और “भ्रमित करने वाला” बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल घोषणाओं का पिटारा है, जिसमें प्रदेश के विकास को लेकर हवाई दावे तो किए गए हैं, लेकिन धरातल पर ठोस कार्यों का कोई स्पष्ट खाका नजर नहीं आता। राठौड़ ने विशेष रूप से अजमेर जिले की उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार में अजमेर से कैबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष होने के बावजूद जिले को कोई बड़ी विकासात्मक सौगात नहीं दी गई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बजट पेश करने वाली उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी स्वयं अजमेर की प्रभारी मंत्री हैं, फिर भी बजट में जिले के लिए ठोस प्रावधान नहीं दिखाई दिए।

धर्मेंद्र राठौड़ ने बजट पर व्यंग्य करते हुए कहा, “कोई तो सूद चुकाए, कोई तो जिम्मा ले, उस इंक़लाब का जो अब तक उधार है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में मध्यम वर्ग, मजदूर वर्ग, किसानों, युवाओं, छोटे व्यापारियों और महिलाओं के हितों की अनदेखी की गई है, जबकि कॉरपोरेट घरानों और बड़े उद्योग समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है। उनके अनुसार आमजन को उम्मीद थी कि सरकार उनकी समस्याओं को समझेगी और राहत देने वाले कदम उठाएगी, लेकिन बजट से व्यापक निराशा हाथ लगी है।

राठौड़ ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘खेजड़ी बचाओ’ आंदोलन, अरावली संरक्षण और ओरण भूमि की रक्षा जैसे जनांदोलन चल रहे हैं, लेकिन सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर कोई स्पष्ट नीति या कानून घोषित नहीं किया। मल्टीनेशनल कंपनियों को भूमि आवंटन की घोषणा को उन्होंने राजस्थान की अस्मिता पर आघात बताया। उनके अनुसार यह बजट पिछले सत्रों की अधूरी घोषणाओं और विफलताओं पर पर्दा डालने का प्रयास है, जिसमें आंकड़ों का मायाजाल तो है, लेकिन जनहित का स्पष्ट रोडमैप नहीं।

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