



नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का मंगलवार को 10वां दिन है, लेकिन लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित बनी हुई है। 1 फरवरी को वर्ष 2026 का केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होनी थी, मगर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की मांग को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी है। इसी कारण सदन बार-बार स्थगित किया जा रहा है और बजट पर विस्तृत चर्चा आगे नहीं बढ़ पा रही है।
सोमवार को भी लोकसभा की कार्यवाही महज 13 मिनट ही चल सकी। विपक्षी दलों के सांसद सदन में लगातार यह मांग करते रहे कि राहुल गांधी को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए। राहुल गांधी ने सदन में कहा था कि वे एक घंटे पहले स्पीकर से मिलने गए थे और उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि बजट चर्चा से पहले उन्हें बोलने का मौका मिलेगा, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सीधे सवाल उठाया कि क्या उन्हें सदन में अपनी बात रखने दी जाएगी या नहीं।
इसी बीच विपक्षी दल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की तैयारी में जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत यह प्रस्ताव लाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि अब तक 103 सांसद इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। हालांकि, विपक्ष को इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए आवश्यक संख्या बल जुटाना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल प्रस्ताव ला सकता है, लेकिन उनके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, इसलिए वे लोकसभा अध्यक्ष को हटा नहीं सकते। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों ने स्पीकर की टेबल तक पहुंचने और उनके कक्ष में घुसने की कोशिश कर संसद की गरिमा का उल्लंघन किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो स्पीकर से सख्त कार्रवाई की मांग कर सकती थी, लेकिन स्पीकर ने अपने विवेक से 8 विपक्षी सांसदों को निलंबित करने का निर्णय लिया और सरकार उस फैसले से संतुष्ट है। संसद में जारी इस टकराव के बीच बजट सत्र की कार्यवाही और विधायी कामकाज पर अनिश्चितता बनी हुई है।