



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में ही जमीनों के सौदे हो रहे थे। जब यह मामला सामने आया तो कार्रवाई की गई, लेकिन उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जेल में सुरंग बन गई और वह भी नाक के नीचे, तब किसी को कुछ पता नहीं चला। दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने घर की स्थिति देखनी चाहिए।”
नेता प्रतिपक्ष जूली ने ‘राइजिंग राजस्थान’ को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन सरकार सवालों के जवाब देने से बच रही है। जूली ने कहा कि ईआरसीपी जैसे अहम मुद्दे पर सवाल पूछने पर मुख्यमंत्री यह कह देते हैं कि “आप कौन होते हैं”, जबकि सरकार जनता की मालिक नहीं बल्कि ट्रस्टी है और उसे जवाब देना ही पड़ेगा।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने शिक्षा और धर्म के मुद्दे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि “नया भारत है, अब शंकराचार्य से भी डिग्री पूछी जा रही है। जिन्हें पूजा करनी थी वे देश चला रहे हैं और जिन्हें देश चलाना था वे पूजा कर रहे थे।” उन्होंने राम मंदिर उद्घाटन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय पंडित दूर बैठे थे और नेता पूजा कर रहे थे।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने भाजपा विधायकों को चुनौती देते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई के समय आरएसएस ने पहले वंदे मातरम और बाद में तिरंगे को नहीं अपनाया। उन्होंने सदन में पूछा कि वंदे मातरम का वह कौन सा हिस्सा था, जिस पर विवाद हुआ था, लेकिन इस चुनौती पर कोई भाजपा विधायक खड़ा नहीं हुआ।
विदेश नीति के मुद्दे पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर किया, लेकिन यह पहली बार नहीं हुआ। उन्होंने सवाल किया कि “यह कैसी विदेश नीति है कि अमेरिका हमारे प्रधानमंत्री के बारे में बयान देता है।” जूली ने कहा कि अमेरिका ने टैरिफ 18 प्रतिशत किया है, लेकिन पहले यह शून्य था।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने सरकार के भीतर चल रहे मतभेदों की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि कहीं विधायक धरने की धमकी दे रहे हैं, कहीं मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के बीच प्रधान हटाने को लेकर विवाद चल रहा है। जूली ने तंज कसते हुए कहा कि “मंत्री कह रहे हैं मुख्यमंत्री नहीं सुन रहे, मुख्यमंत्री कह रहे हैं मेरी कोई नहीं सुन रहा।” उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन में विधायक को थानेदार के पैर नहीं छूने पड़ते थे।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने सरकार की ब्रांडिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि काम हो या न हो, सरकार ब्रांडिंग में आगे है। मुख्यमंत्री रील बनाते हैं और इसके लिए 8 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया है। जूली ने कहा कि यूट्यूब चैनल बनाए गए हैं, लेकिन उन पर सौ-दो सौ दर्शक भी नहीं होते। उन्होंने तंज में कहा कि हम तो चाहते हैं कि यही मुख्यमंत्री पूरे पांच साल तक रहें।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने अंत में आरोप लगाया कि एक बड़े उद्योगपति के जयपुर आने के अगले ही दिन कैबिनेट बैठक बुला ली गई। विधायक दल की बैठक में ही एक मंत्री ने स्वीकार किया कि एक मंत्री की वजह से सरकार की छवि खराब हो रही है और लोग गांवों में घुसने नहीं देंगे।