


नवलगढ़ के नानसा गेट स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में सामने आए करोड़ों रुपये के गोल्ड गबन मामले के बाद पीड़ित परिवार लगातार बैंक के चक्कर काट रहे हैं। पीड़ितों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि लोन के बदले रखे गए उनके आभूषण वापस मिलेंगे या नहीं, और यदि सोना बरामद नहीं हुआ तो उनका क्या होगा। साथ ही, कुछ ग्राहकों के नाम पर उठाए गए कथित फर्जी गोल्ड लोन को लेकर भी असमंजस बना हुआ है।
पीएनबी मंडल कार्यालय, हनुमानगढ़ के एजीएम सुधीर कुमार साहू ने बताया कि बैंक का उच्च प्रबंधन, विशेष जांच टीम और स्थानीय शाखा स्टाफ पूरे मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है। बैंक की प्राथमिकता है कि जांच जल्द से जल्द पूरी कर क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया शुरू की जाए। हालांकि, क्लेम निपटान की कोई तय समय-सीमा अभी तय नहीं की जा सकती, लेकिन शीर्ष प्रबंधन इस मामले को लेकर विशेष बैठक कर शीघ्र समाधान की दिशा में काम कर रहा है।
एजीएम साहू ने स्पष्ट किया कि बैंक से सारा गोल्ड चोरी नहीं हुआ है। जिन ग्राहकों का सोना चोरी हुआ है, यदि वह पुलिस जांच में बरामद हो जाता है, तो कोर्ट से सुपुर्दगी मिलने के बाद बैंक रिकॉर्ड के आधार पर पहचान कराकर संबंधित ग्राहक को आभूषण लौटा दिए जाएंगे। इसमें लोन लेते समय जमा किए गए आभूषणों के विवरण और रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि किसी कारणवश सोना बरामद नहीं हो पाता है, तो ऐसी स्थिति में बैंक अपनी निर्धारित प्रक्रिया के तहत ग्राहकों को उनके सोने की कीमत का भुगतान करेगा। इससे पीड़ित ग्राहकों को आर्थिक नुकसान से बचाने का प्रयास किया जाएगा।