


झुंझुनूं जिले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की नवलगढ़ शाखा से जुड़े गोल्ड लोन और लॉकर फर्जीवाड़े में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच में सामने आया है कि बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार, डिप्टी मैनेजर अनंतप्रकाश और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) संचालक संतोष सैनी ने मिलकर बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम में रखे गोल्ड लोन पैकेट्स से असली सोना निकालकर उसकी जगह नकली ज्वेलरी रख दी।
प्राथमिक जांच के अनुसार गोल्ड लोन के लिए सील किए गए 450 पैकेट्स में से 73 पैकेट्स से असली गहने गायब पाए गए हैं। अब तक करीब 4.1 किलो सोने के गबन की पुष्टि हुई है, जिसकी बाजार कीमत 6.5 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। हालांकि पीड़ितों का दावा है कि मामला केवल 6–6.5 करोड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि कुल फर्जीवाड़ा 60 से 70 करोड़ रुपए तक का हो सकता है।
पीड़ित बैंक पहुंचे, सामने आया बड़ा खेल
मामला सार्वजनिक होने के बाद बड़ी संख्या में पीड़ित बैंक पहुंचे। कई ग्राहकों ने आरोप लगाया कि न सिर्फ उनके जमा कराए गए गहने गायब हैं, बल्कि लोन की पूरी राशि भी उन्हें नहीं दी गई। कुछ मामलों में बिना जानकारी के फर्जी तरीके से लोन उठाकर रकम हड़पने के आरोप भी लगे हैं।
एक महिला ने बताया कि उसने प्लॉट गिरवी रखकर 7 लाख रुपए का लोन लेने की बात की थी। बीसी संचालक ने 2 लाख रुपए घूस मांगी और बाद में केवल 50 हजार रुपए दिए। बाद में पता चला कि उसके नाम पर भैंस का लोन भी चल रहा है, जबकि उसके घर में पशु ही नहीं है और वह कभी बैंक गई भी नहीं।
इसी तरह एक अन्य व्यक्ति को महिला शक्ति योजना में 9.5 लाख रुपए का लोन स्वीकृत हुआ, जिसमें से 5 लाख रुपए तत्कालीन मैनेजर ने अपने पास रख लिए। इसके अलावा उसे तीन गोल्ड लोन भी दिए गए, जिनमें से दो के गहने पूरी तरह गायब हैं और तीसरे में आधे गहने नहीं मिले।
ग्राहकों की पीड़ा: शादी के लिए जोड़ा सोना भी गायब
गोल्ड लोन लेने वाली बोहरी (45) ने बताया कि घरेलू जरूरतों के लिए 2 लाख रुपए का लोन लिया था और बदले में मंगलसूत्र, नथ, झूमर और चेन जमा करवाई थी। जांच में पता चला कि उनका सोना भी नकली से बदले गए पैकेट्स में शामिल है।
गांव की सुमन देवी ने करीब 100 ग्राम सोना जमा कर 5.18 लाख का लोन लिया था। उनके भांजे और भाभी के गहने भी इसी तरह गायब मिले। परिवार का कहना है कि बेटी की शादी के लिए सोना जोड़ा जा रहा था, जो अब पूरी तरह लुट चुका है।
एफआईआर, सस्पेंशन और जांच
बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मुकेश कुमार सिहाग ने दो दिन पहले नवलगढ़ थाने में अमित कुमार, अनंतप्रकाश और संतोष सैनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने तत्कालीन मैनेजर, डिप्टी मैनेजर सहित करीब आधा दर्जन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस कुछ संदिग्धों से पूछताछ कर रही है, जबकि मैनेजर अमित कुमार फरार बताया जा रहा है।
बैंक का आश्वासन
PNB हनुमानगढ़ सर्किल से एजीएम सुधीर कुमार सोहू के नेतृत्व में एक टीम नवलगढ़ पहुंची है। एजीएम ने कहा कि बैंक के अधिकारियों और एजेंट ने बैंक के साथ धोखा किया है, लेकिन ग्राहकों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। सभी पीड़ितों को उनका क्लेम दिया जाएगा और इसके लिए सर्किल स्तर पर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।
कैसे हुआ गोल्ड लोन स्कैम
गोल्ड लोन के लिए ग्राहकों से गहने लेकर उन्हें पैकेट्स में सील कर स्ट्रॉन्ग रूम के गोल्ड सेफ में रखा जाता है। आरोप है कि आरोपियों ने इन पैकेट्स को खोलकर असली गहने निकाले, उनकी जगह नकली ज्वेलरी या फैंसी आइटम रख दिए और दोबारा सील कर दिया। लंबे समय तक यह खेल चलता रहा और अब जाकर पूरा मामला उजागर हुआ है।