



जयपुर। राजस्थान सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय (अनुभाग–1) विभाग ने जिलों के प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने के उद्देश्य से जिलावार प्रभारी सचिवों की सूची जारी की है। इस संबंध में जारी आदेश के तहत राज्य के सभी 41 जिलों में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को प्रभारी सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। सरकार का उद्देश्य जिला स्तर पर योजनाओं की मॉनिटरिंग, प्रशासनिक समन्वय और विकास कार्यों की गति को और मजबूत करना है।
जारी आदेश के अनुसार अजमेर, अलवर, बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, बीकानेर, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, दौसा, डीडवाना-कुचामन, धौलपुर, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, झुंझुनूं, कोटा, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, श्रीगंगानगर, टोंक, उदयपुर सहित सभी नवगठित जिलों में अलग-अलग वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभारी सचिव बनाया गया है। इन अधिकारियों को जिले में राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की निगरानी, जिला प्रशासन से समन्वय तथा जनसमस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रभारी सचिव संबंधित जिले में समय-समय पर दौरा कर विकास योजनाओं, बजट व्यय, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और लोककल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव स्तर तक जिलों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराएंगे। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से फील्ड स्तर पर जवाबदेही बढ़ेगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिलों में प्रभारी सचिवों की नियुक्ति से जिला प्रशासन और राज्य सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं का समय रहते समाधान किया जा सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।


