



जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ.अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया और “चोरों को ही थानेदार” बनाकर पूरे सिस्टम को भ्रष्टाचार के हवाले कर दिया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान हुए पेपर लीक और भर्ती घोटालों को विस्तार से सामने रखा। राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस शासन में परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हुई, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को बाहर कर अयोग्य लोगों को नौकरियां दी गईं।
राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने एसओजी द्वारा हाल ही में उजागर किए गए मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कृषि पर्यवेक्षक, प्रयोगशाला सहायक और महिला सुपरवाइजर जैसी भर्तियों में ओएमआर शीट बदलकर धांधली की गई। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2019 को उत्तर प्रदेश में 61.50 लाख रुपये के साथ अभियुक्त पकड़े गए और एफआईआर भी दर्ज हुई, इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और केवल मामले को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में 19 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और 133 प्रकरण दर्ज हुए, लेकिन किसी भी बड़े दोषी पर कार्रवाई नहीं हुई, जिससे यह स्पष्ट है कि यह सब प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में हुआ।
राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद 28 फरवरी 2025 को इन मामलों को एसओजी को सौंपा गया, जिसके बाद जांच में तेजी आई और प्रभावी कार्रवाई करते हुए कई गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की जांच समितियों में भी ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जिन पर खुद सवाल थे। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने कांग्रेस शासन के दौरान हुए पेपर लीक मामलों में 428 आरोपियों को गिरफ्तार किया और एसआई भर्ती अनियमितताओं में 138 लोगों की गिरफ्तारी की गई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अब तक 326 परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की हैं और इनमें से एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं की सुविधा के लिए एक साथ पूरे वर्ष का परीक्षा कैलेंडर जारी किया और एक लाख भर्तियों का रोडमैप भी पहले ही घोषित किया, जिससे युवाओं को तैयारी का पूरा अवसर मिला।
उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से सवाल किया कि पूर्व शिक्षा मंत्री और पार्टी मुखिया होने के बावजूद उन्होंने इन गंभीर मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि आरपीएससी के सदस्य तक इन घोटालों में शामिल थे, फिर भी कांग्रेस सरकार ने आंखें मूंदे रखीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और अपराध, माफिया तथा पेपर लीक उसकी पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि पांच साल तक जांच को दबाया गया और अब कांग्रेस को इन मुद्दों पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सभी कार्रवाई भाजपा सरकार की पहल पर हुई है और कांग्रेस नेताओं को जवाब देना चाहिए कि उनके शासन में यह सब क्यों नहीं हुआ।
भाजपा नेताओं ने दोहराया कि पार्टी युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से काम कर रही है। प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी, कैलाश मेघवाल और प्रदेश कार्यालय प्रभारी मुकेश पारीक भी उपस्थित रहे।