



जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) हॉस्पिटल में निवाई (टोंक) के बड़ा गांव निवासी गर्भवती महिला चैना देवी को गलत खून चढ़ाने से हुई मौत के मामले में गंभीर लापरवाही का खुलासा हुआ है। हाईलेवल कमेटी की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि महिला को ब्लड ट्रांसफ्यूजन देने से पहले आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि महिला के रक्त सैंपल की रिवर्स ग्रुपिंग नहीं की गई और बिना पूरी पुष्टि के ब्लड बैग जारी कर दिया गया। जांच में डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी और ब्लड बैंक स्टाफ समेत कुल 5 जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के आधार पर अब करीब सात महीने बाद दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, ब्लड बैंक टेक्नीशियन (ठेकाकर्मी) अली हैदर ने सबसे बड़ी चूक की। उन्होंने महिला के सैंपल की रिवर्स ग्रुपिंग नहीं की। रिवर्स ग्रुपिंग ब्लड ट्रांसफ्यूजन से पहले की जाने वाली अनिवार्य प्रक्रिया होती है, जिसमें फॉरवर्ड ग्रुपिंग के परिणाम की दोबारा पुष्टि की जाती है। यदि फॉरवर्ड ग्रुपिंग में ब्लड ग्रुप ‘A’ आता है तो रिवर्स ग्रुपिंग में भी वही परिणाम आना जरूरी होता है। दोनों रिपोर्ट में अंतर होने पर खून चढ़ाना असुरक्षित माना जाता है। इसके बावजूद बिना इस डबल चेक के ब्लड जारी कर दिया गया, जो सीधे तौर पर मेडिकल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।
कमेटी की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि इलाज से जुड़े अन्य स्तरों पर भी लापरवाही बरती गई। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने भी ब्लड ग्रुप की क्रॉस-वेरिफिकेशन नहीं की और ट्रांसफ्यूजन से पहले जरूरी चेकलिस्ट का पालन नहीं किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तय प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन किया जाता, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में ब्लड ट्रांसफ्यूजन सिस्टम की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब हाईलेवल कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, ठेका निरस्त करने, निलंबन और आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने जैसे कदम उठा सकता है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए एसएमएस हॉस्पिटल समेत राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में ब्लड बैंक और ट्रांसफ्यूजन प्रक्रिया की दोबारा ऑडिट और सख्त मॉनिटरिंग की तैयारी भी की जा रही है।