



जयपुर। राजस्थान क्रिकेट में लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बीच अब मेल-मिलाप और सकारात्मक संवाद के संकेत मिलने लगे हैं। गुरुवार को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के पूर्व प्रदेश सचिव एवं सीकर जिला क्रिकेट संघ के सचिव सुभाष जोशी के जयपुर स्थित निवास पर एक अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में राजस्थान क्रिकेट एडहॉक कमेटी के चेयरमैन दीनदयाल कुमावत सहित प्रदेश के सात जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों ने एक साथ शिरकत की और प्रदेश में क्रिकेट विकास, संगठनात्मक गतिविधियों तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
राजस्थान क्रिकेट एडहॉक कमेटी के चेयरमैन दीनदयाल कुमावत ने शुक्रवार शाम खास बातचीत में बताया कि यह बैठक मुख्यतः वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक सुभाष जोशी के स्वास्थ्य का हालचाल पूछने के साथ-साथ शिष्टाचार मुलाकात के उद्देश्य से रखी गई थी, लेकिन इसमें प्रदेश क्रिकेट के हित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी सार्थक चर्चा हुई। बैठक में नागौर से राजेन्द्र धांधू, श्रीगंगानगर से विनोद सारण, जालोर से सतीश व्यास, भरतपुर से शत्रुघ्न तिवारी, डूंगरपुर से सुशील जैन और धौलपुर से तिवारी सहित सात जिला संघों के पदाधिकारी शामिल रहे।
बैठक में राज्य सरकार और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से दिशा-निर्देश मिलने की स्थिति में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव कराने, प्रदेश में क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और आगामी क्रिकेट कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। यह बैठक राजस्थान क्रिकेट में लंबे समय से चली आ रही किच-किच से इतर एक सकारात्मक पहल के रूप में देखी जा रही है।
राजस्थान क्रिकेट एडहॉक कमेटी के चेयरमैन दीनदयाल कुमावत ने यह भी बताया कि BCCI से राजस्थान में आगामी T-20 अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मैचों की मेजबानी प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि BCCI की ओर से राजस्थान को निर्धारित T-20 मैचों की मेजबानी का आवंटन जल्द मिल सकता है। उन्होंने संकेत दिए कि एडहॉक कमेटी और जिला संघों के बीच इस तरह के संवाद आगे भी जारी रहेंगे, ताकि प्रदेश क्रिकेट को नई दिशा दी जा सके।
वहीं सात जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों से जुड़े सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि सुभाष जोशी आगामी एक-दो दिनों में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी से मुलाकात कर राजस्थान क्रिकेट से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि यह मुलाकात भी प्रदेश क्रिकेट में स्थायित्व और बेहतर प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।