



जोधपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। जोधपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट ने कहा कि सरकार का मन चुनाव कराने का नहीं है, क्योंकि उसे पता है कि जनता आक्रोशित है और चुनाव में अपनी भड़ास निकालेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार चुनाव टालने के बहाने तलाश रही है और सत्ता में रहते हुए जिम्मेदारियों से बच रही है।
सचिन पायलट ने कहा कि वर्तमान सरकार में सत्ता के कई केंद्र बन चुके हैं। आए दिन चर्चा होती रहती है कि सरकार में बदलाव कब होगा और मंत्रीमंडल का पुनर्गठन कब किया जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यहां की सरकार को जनता ने चुना है, फिर बार-बार दिल्ली की ओर देखने की जरूरत क्यों पड़ रही है। दिल्ली से इशारा होते ही यहां कार्रवाई होना प्रदेश की स्वायत्तता पर सवाल खड़े करता है।
बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में प्रस्तावित बदलाव को लेकर पायलट ने कहा कि जिन जिलों की सीमाओं में परिवर्तन किया जा रहा है, वे प्रशासनिक आवश्यकता से ज्यादा राजनीतिक निर्णय प्रतीत होते हैं। उन्होंने कहा कि जनता की राय लिए बिना सीमाओं में तोड़फोड़ की जा रही है। इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता हेमाराम चौधरीका समर्थन करते हुए पायलट ने कहा कि कांग्रेस उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
रोजगार के मुद्दे पर सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय सौ दिन का रोजगार देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए थे। आज स्थिति यह है कि देश में अमीर और अमीर होता जा रहा है, जबकि गरीब और गरीब। यह बढ़ती असमानता गलत आर्थिक नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी आज सबसे बड़ा संकट है, लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही।
पायलट ने आरोप लगाया कि मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, उसका बजट घटाया जा रहा है। पहले रोजगार से जुड़े निर्णय गांव स्तर पर होते थे, लेकिन अब सब कुछ राजधानी से तय किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को नुकसान हो रहा है।
भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पायलट ने कहा कि ईडी का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल सहित कई राज्यों में विपक्षी नेताओं को डराने, दबाने और बदनाम करने के लिए ईडी की कार्रवाई की जा रही है।
पायलट ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईडी के मामलों में सजा की दर मात्र एक प्रतिशत है, जो एजेंसियों के दुरुपयोग की ओर इशारा करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन सभी मुद्दों को सड़क से सदन तक उठाएगी और जनता के अधिकारों की लड़ाई लगातार जारी रखेगी।