



जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा किसी एक व्यक्ति या परिवार की पार्टी नहीं है, बल्कि यह एक वैचारिक संगठन है, जहां नए लोगों को भी सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए कार्यकर्ताओं के आने से संगठन में नयापन आता है और पुराने अनुभव के साथ नया जोश मिलकर ही पार्टी को आगे बढ़ाता है।
शनिवार को जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित भाजपा की प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते हुए बीएल संतोष ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से अधिक से अधिक प्रवास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रवास के दौरान नए लोगों से मिलकर उन्हें संगठन से जोड़ना चाहिए। इससे संगठन का विस्तार होगा और जमीनी स्तर पर मजबूती आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के मोर्चे और प्रकोष्ठ संगठन की पहली सीढ़ी हैं, जिन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए। किसी भी प्रकार की समस्या हो तो उसे पार्टी के आंतरिक मंच पर ही उठाया जाए।
कार्यशाला में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान में अफसरशाही के कामकाज को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता पार्टी का एंबेसडर है और अधिकारी उसकी एक घंटी में फोन उठाकर काम करें, अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। वसुंधरा राजे ने कहा कि बिना कार्यकर्ता भाजपा प्राणहीन है। गांव में बूथ अध्यक्ष, मंडल में मंडल अध्यक्ष और जिले में जिला अध्यक्ष ही संगठन की असली ताकत हैं और उनके हस्ताक्षर से जनता के काम होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता की आवाज ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की आवाज है और उसकी उपेक्षा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक समय था जब देशभर में कांग्रेस का वर्चस्व था, लेकिन आज चारों दिशाओं में भाजपा दिखाई देती है। यह सब कार्यकर्ताओं की तपस्या और समर्पण का परिणाम है। इस दौरान उन्होंने एक शेर पढ़ते हुए सेवा और संवेदनशीलता का संदेश भी दिया।
कार्यशाला के बाद मीडिया से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि संगठनात्मक कार्यशाला का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को भाजपा के मूल्यों, आदर्शों और जनसेवा की भावना से जोड़ना है। उन्होंने संगठन में संयम, संतुलन और आपसी समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक कार्यशाला में भजनलाल शर्मा, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया, अशोक परनामी, महामंत्री भूपेंद्र सैनी, मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।