Thursday, 09 April 2026

चुनाव आयोग की स्वतंत्रता जरूरी, संस्थाओं की गरिमा बनी रहनी चाहिए: जस्टिस बीवी नागरत्ना


चुनाव आयोग की स्वतंत्रता जरूरी, संस्थाओं की गरिमा बनी रहनी चाहिए: जस्टिस बीवी नागरत्ना

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पटना। सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा है कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष रहना चाहिए तथा उस पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि अन्य संवैधानिक संस्थाओं को भी अपनी गरिमा बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि यही लोकतंत्र की मजबूती की आधारशिला है।

जस्टिस नागरत्ना पटना स्थित चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में “कॉन्स्टीट्यूशनलिज्म बियॉन्ड राइट्स: व्हाई स्ट्रक्चर मैटर्स” विषय पर संबोधित कर रही थीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यदि संवैधानिक ढांचा धीरे-धीरे कमजोर होता है, तो भले ही अधिकार कागजों पर मौजूद रहें, लेकिन व्यवहार में संवैधानिक विफलता (Constitutional Breakdown) की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

संस्थाओं के बीच संतुलन जरूरी

उन्होंने कहा कि जब संवैधानिक संस्थाएं एक-दूसरे की जांच और निगरानी (Checks and Balances) करना बंद कर देती हैं, तभी वास्तविक समस्या शुरू होती है। चुनाव आयोग, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया और वित्त आयोग जैसी संस्थाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

चुनाव प्रक्रिया पर भी दिया जोर

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र में समय पर चुनाव होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे सरकारों का शांतिपूर्ण और व्यवस्थित परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया पर किसी प्रकार का नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की जाती है, तो यह राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के नियमों को अपने हाथ में लेने जैसा होगा, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि मजबूत लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र संस्थाएं, पारदर्शी प्रक्रियाएं और संतुलित संवैधानिक ढांचा अनिवार्य हैं।

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