



जयपुर। जयपुर में मेट्रो विस्तार को लेकर केंद्र सरकार से मंजूर 42.80 किमी लंबे प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक मेट्रो फेज-2 प्रोजेक्ट को चार चरणों में पूरा किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (RMRCL) द्वारा चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे तय समयसीमा पांच वर्षों में इसे पूरा किया जा सके।
पहले चरण में टोंक रोड पर प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक लगभग 12 किमी लंबा रूट तैयार किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इस रूट पर कुल 10 स्टेशन—प्रहलादपुरा, मानपुरा, बिलवा कलां, बिलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग, हल्दी घाटी मार्ग और पिंजरापोल गौशाला बनाए जाएंगे। दूसरे चरण में सीकर रोड के टोडी मोड़ से अंबाबाड़ी तक कार्य शुरू होगा, इसके बाद शहर के मध्य क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। परियोजना को अलग-अलग पैकेज में विभाजित कर तेजी से निर्माण कार्य पूरा करने की योजना है। इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि जयपुर मेट्रो फेज-2 पूरी तरह ड्राइवरलेस होगी। इसे सीबीटीसी (कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल) तकनीक के जरिए संचालित किया जाएगा, जिसके लिए मेट्रो कॉर्पोरेशन विशेष परीक्षण करेगा। यह तकनीक मेट्रो संचालन को अधिक सुरक्षित, सटीक और आधुनिक बनाएगी।
मेट्रो फेज-2 के तहत शहर का सबसे लंबा एलिवेटेड नेटवर्क विकसित होगा, जो टोंक रोड को सीकर रोड से जोड़ेगा। यह कॉरिडोर प्रहलादपुरा से शुरू होकर सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, जयपुर एयरपोर्ट, एसएमएस अस्पताल, अंबाबाड़ी, विद्याधर नगर, वीकेआई होते हुए टोडी मोड़ तक पहुंचेगा। एयरपोर्ट क्षेत्र में प्रस्तावित नए टर्मिनल के नीचे भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा, जबकि सांगानेर से एयरपोर्ट के बीच का हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा और बाकी अधिकांश रूट एलिवेटेड होगा।
डीपीआर के अनुसार, जयपुर में बड़ी संख्या में लोग उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशा में रोजाना आवागमन करते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। मेट्रो फेज-2 के शुरू होने के बाद टोंक रोड, सीतापुरा, जगतपुरा, विद्याधर नगर जैसे व्यस्त क्षेत्रों में जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा अस्पताल, एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रियों का समय बचेगा और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना के तहत फेज-1 से कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रेलवे स्टेशन से खासा कोठी तक फुट ओवरब्रिज और गवर्नमेंट हॉस्टल से चांदपोल मेट्रो स्टेशन के बीच स्पर लाइन भी विकसित की जाएगी। फेज-2 पूरा होने के बाद जयपुर मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 57 किमी तक पहुंच जाएगी। यह प्रोजेक्ट न केवल शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगा, बल्कि ईंधन खपत और प्रदूषण में कमी के साथ रियल एस्टेट और शहरी विकास को भी गति देगा।