



जयपुर। जयपुर में लगातार चेन स्नैचिंग की वारदातों से दहशत फैलाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में बोराज निवासी किमतकर शर्मा उर्फ किशन को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके साथी पुष्पेंद्र गुर्जर को पहले ही पकड़ लिया गया था। गिरोह के तीसरे सदस्य संजय की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार तीनों बदमाशों ने वैशाली नगर, शिप्रापथ, बजाज नगर और जवाहर सर्किल क्षेत्रों में चार वारदातों को अंजाम दिया था।
जांच में सामने आया कि बदमाशों ने वारदात के अगले ही दिन बगरू स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में चोरी की चेन गिरवी रखकर करीब ₹1.24 लाख का लोन उठा लिया। चेन का वजन करीब डेढ़ तोला बताया गया है। पुलिस ने गोल्ड लोन कंपनी को नोटिस जारी कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी किमतकर शर्मा और पुष्पेंद्र गुर्जर 2 अप्रैल को चेन गिरवी रखने पहुंचे थे। लोन मिलने के बाद आरोपियों ने अधिकांश रकम अपने पुराने कर्ज चुकाने में खर्च कर दी, जबकि कुछ पैसे शराब पार्टी में उड़ा दिए। गिरफ्तारी के डर से किमतकर भागकर पहले सीकर और फिर खाटूश्यामजी पहुंच गया, जहां उसने तीन दिन फुटपाथ पर बिताए। उसके पास एक और चेन थी, जो जांच में नकली निकली। पुलिस अब इसकी भी जांच कर रही है कि वह चेन कहां से लाई गई थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पहले पुष्पेंद्र के कब्जे से एक चेन बरामद की जा चुकी है। वहीं फरार आरोपी संजय की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। यह कार्रवाई एसएचओ आरती सिंह के नेतृत्व में की जा रही है। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि गोल्ड लोन कंपनियों में केवल आधार कार्ड और पैन कार्ड के आधार पर आसानी से लोन मिल जाता है, जिससे अपराधियों को चोरी के माल के बदले तुरंत नकदी मिल जाती है। आम बाजार में चोरी का माल बेचने पर जहां कम कीमत मिलती है, वहीं गोल्ड लोन कंपनियां सोने की कीमत का 65 से 85 प्रतिशत तक लोन दे देती हैं। इससे ऐसे अपराधों को बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है।