



जयपुर। राज्य में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी हकीकत की निगरानी को मजबूत करने के लिए मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने प्रशासनिक सचिवों को फील्ड में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। जारी सर्कुलर के अनुसार अब सचिव स्तर के आईएएस अधिकारियों को नियमित रूप से जिलों का दौरा करना होगा और वहां योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना होगा।
निर्देशों के तहत सभी प्रशासनिक सचिवों को चार दिन तक अलग-अलग जिलों का दौरा करना अनिवार्य किया गया है और इस दौरान कम से कम चार रात्रि विश्राम भी करना होगा। हालांकि जयपुर जिले को रात्रि विश्राम की बाध्यता से अलग रखा गया है। इन दौरों के दौरान अधिकारी सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा करेंगे, साथ ही जमीनी स्तर पर मौजूद कमियों और खामियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए रिपोर्ट तैयार करेंगे।
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने सर्कुलर में प्रभारी सचिवों के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। उन्हें हर महीने अपने प्रभार वाले जिले में कम से कम एक दिन का दौरा और रात्रि विश्राम करना होगा। साथ ही प्रशासनिक सचिवों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वे अपने दौरे इस प्रकार योजना बनाकर करें कि एक वित्तीय वर्ष में किसी जिले का दौरा दोबारा न हो। हालांकि सभी संभागीय मुख्यालयों के कवर होने के बाद आवश्यकतानुसार संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक दोहराई जा सकती है।
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने यह भी निर्देश दिए हैं कि हर दौरे के बाद विस्तृत विजिट नोट तैयार किया जाए और उसे टाइम्स पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इसके साथ ही सभी प्रशासनिक सचिवों को अपने मासिक दौरों की रिपोर्ट मुख्य सचिव को नियमित रूप से प्रस्तुत करनी होगी।
यह पहल प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता तक सरकारी सुविधाओं की वास्तविक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।